पूर्व सैनिक स्वाइन फ्लू की दवा से हार गया। पूरा परिवार उसके इलाज के लिए ‘टैमी फ्लू’ दवा शहर के मेडिकल स्टोर से लेकर सरकारी अस्पतालों तक खोजता रहा, लेकिन यह दवा नहीं मिली। आखिरकार राजधानी में इस साल मिले स्वाइन फ्लू के पहले मरीज ने मंगलवार देर शाम दवा के अभाव में दम तोड़ दिया। 7 जनवरी को इस लांसनायक को निमोनिया की शिकायत पर सेना के कमांड हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गयाथा।
एसजीपीआई की रिपोर्ट में सोमवार को कृष्णा नगर निवासी इस पूर्व सैनिक को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट आने के 24 घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। सैनिक के परिवारीजनों का कहना है कि कमांड हॉस्पिटल से फ्लूविर नाम का 75 मिलीग्राम का कैप्सूल लाने का पर्चा मिला था। शहर भर में घूमने पर भी ये दवा नहीं मिली।
स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अफसर पूर्व सैनिक के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की। वहीं, कमांड अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नहीं दी थी। इलाज में तत्परता की बजाय स्वास्थ्य महकमा केंद्र से टैमी फ्लू मिलने के इंतजार में बैठा रहा। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि एक-दो दिन में केंद्र से दवा आ जाएगी।