प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को सात माह बाद शिव जी की बारात की तरह कार्यकारिणी घोषित कर दी है। 401 पदाधिकारियों वाली इस कार्यकारिणी में 34 उपाध्यक्ष व 64 महामंत्री हैं। पार्टी कार्यकारिणी में 107 सचिव, 84 सदस्य कार्यकारिणी, 43 संगठन मंत्री, 68 स्थायी आमंत्रित सदस्य व एक कोषाध्यक्ष बनाया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इसकी घोषणा कर दी।प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री की इस शिव जी की बारात में पिछले बार से भी ज्यादा बाराती रखे गए हैं। जनवरी 2014 में गठित कार्यकारिणी में 288 सदस्य थे। जबकि इस बार 401 लोगों की कार्यकारिणी बनाई गई है।
इस जंबोजेट कार्यकारिणी में प्रदेश के ज्यादातर सभी नेताओं को एडजस्ट किया गया है। अब प्रदेश में शायद ही कोई बड़ा नेता बचा हो जिसे कार्यकारिणी में जगह न मिली है। प्रदेश अध्यक्ष ने ऐसा इसलिए किया है ताकि गुटबाजी को हवा न मिल सके। यही वजह है कि बुजुर्ग नेताओं के साथ ही युवा नेताओं को भी प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान मिल गया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने बताया कि कार्यकारिणी में सभी वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
कांग्रेस कमेटी की घोषणा होते ही घमासान
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की घोषणा होते ही पार्टी नेताओं में घमासान शुरू हो गया है। कमेटी के कई नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इनमें कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। इन लोगों ने वरिष्ठ कांग्रेसियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बाहर से आए नेताओं की ज्यादा तवज्जो देने की बात कही है।
डॉ. निर्मल खत्री ने अपनी टीम में वरिष्ठ नेता अमीर हैदर को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जगह दी थी। लेकिन अमीर हैदर को कार्यकारिणी सदस्य बनना गवारा नहीं हुआ और उन्होंने तत्काल इस पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने साफ किया कि यह इस्तीफा केवल पद से है।
पार्टी में वे पहले की तरह सामान्य कार्यकर्ता की तरह सेवाएं देते रहेंगे। लखनऊ जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सिराज वली खान को नई कमेटी में सचिव बनाया गया था। उन्होंने भी इस पद से इस्तीफा दिया है। कहा कि वे काफी समय से कांग्रेस में हैं, जबकि दूसरे दलों से आए नेताओं को संगठन में वरिष्ठ पद दे दिया गया है।
दूसरे दलों के नेताओं को दिया ताज
पूर्व अध्यक्ष सिराज वली खान कहते हैं कि इन परिस्थितियों में कमेटी में काम करना संभव नहीं है। वहीं, विनोद मिश्र को संगठन मंत्री बनाया गया था। उन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विनोद ने बताया कि दूसरे दलों से आए नेताओं को महामंत्री जैसे पदों पर बैठाया गया है। इस तरह का अपमान सहकर काम नहीं हो सकता है। हालांकि वे कांग्रेस में बने रहेंगे। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री को भी दे दी है।
वहीं कांग्रेस के अध्यक्ष निर्मल खत्री का कहना है कि इतने बड़े प्रदेश में सभी नेताओं की अपेक्षा को पूरा करना संभव नहीं है। इसके बावजूद वरिष्ठ कांग्रेसियों को सम्मानजनक पद देने की कोशिश की गई है। जो नाराज हैं उन्हें मना लिया जाएगा।
कमेटी में 55 मुस्लिम
डॉ. निर्मल खत्री की टीम में 55 मुस्लिमों को जगह मिली है। 401 की घोषित टीम से यदि 68 स्थायी आमंत्रित सदस्यों को हटा लिया जाए तो इसमें सबसे अधिक 81 ब्राह्मणों को जगह मिली है। ठाकुरों की तादाद 43 है। अनुसूचित जाति के 52 नेताओं को जगह मिली है। दो अनुसूचित जनजाति के नेताओं को भी कमेटी में जगह मिली है। अन्य पिछड़ा वर्ग के 61 व अन्य जातियों के 39 नेताओं को भी कमेटी में जगह मिली है। वहीं कमेटी में मात्र 35 महिलाएं ही अपना स्थान बना सकी हैं।