भले ही सपा सरकार और बसपा सरकार में कितनी भी खटास क्यों न हो, लेकिन अखिलेश ने मायावती के सुरक्षा कर्मियों को सौगात देने का मन बनाया है।
इतना ही नहीं, राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के सुरक्षा कर्मियों को एक खास प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा।
राज्य सरकार इस बाबत तैयारी कर रही है और इसके लिए पुलिस के सुरक्षा विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।
इस प्रस्ताव में उन सुरक्षा कर्मियों को प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने पर विचार है जो मुख्यमंत्री की सीधी सुरक्षा यानि एस्कॉर्ट और फ्लीट आदि में तैनात होते हैं या फिर उन्हें जो इसी तरह पूर्व सीएम की सुरक्षा से जुड़े हैं।
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इस प्रोत्साहन भत्ते का लाभ उन्हें नहीं मिलेगा जो सीएम या राज्यपाल की सुरक्षा में बाकायदा तैनात हैं। प्रोत्साहन भत्ता उन्हीं सुरक्षाकर्मियों को मिलेगा, जिनके बारे में मुख्यमंत्री के मुख्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रोत्साहन भत्ता डॉग, स्क्वायड, बम स्क्वायड, एंटी साबोटाज टीमों आदि को नहीं मिलेगा।
डीजीपी मुख्यालय के अफसरों के मुताबिक प्रोत्साहन भत्ते के लिए पूर्व में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अदालत में याचिका दाखिल की गई थी।
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इसके बाद से ही गृह विभाग के स्तर से ऐसे पुलिसकर्मियों को विशेष भत्ते के स्थान पर प्रोत्साहन भत्ता अनुमन्य किए जाने पर विचार चल रहा था।
विशेष भत्ता उन्हीं को मिलेगा जिनकी सीएम या राज्यपाल सुरक्षा में तैनाती है और प्रोत्साहन भत्ता उन्हें जो संबद्धता के आधार पर इस ड्यूटी से जुड़े होंगे।
सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर पर इस संदर्भ में जल्दी ही फैसला किया जाना है। इसके लिए जो प्रस्ताव तैयार हुआ है उसका गृह विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा परीक्षण किया जा रहा है।
इस पर विधि व वित्त विभाग की भी सहमति ली जानी है। लेकिन यह सहमति औपचारिकता पूरी करने भर की ही होगी। जानकारों का कहना है कि प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने की घोषणा जल्दी ही किए जाने की संभावना है।
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