कांग्रेस में सभी छह प्रांतीय अध्यक्षों को तीन-तीन मंडलों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन्हें अपने मंडलों में मजबूत संगठन खड़ा करने के साथ ही चुनावों में बेहतर नतीजे के लिए जी-जान से जुटना होगा। इसके आधार पर ही सांगठनिक कामकाज के लिहाज से मूल्यांकन होगा। इन प्रांतीय अध्यक्षों के बीच कामों के बंटवारे की शीघ्र ही औपचारिक घोषणा की जाएगी। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष के फैसले को मंजूरी दे दी है।
कांग्रेस ने हाल ही में बसपा सांसद रहे बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा फरेंदा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री व विधायक अजय राय, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, अनिल यादव (इटावा) और योगेश दीक्षित को प्रांतीय अध्यक्ष नामित किया है। प्रदेश में 18 मंडल (कमिश्नरी) हैं। मंडलों का प्रभार देने के लिए प्रांतीय अध्यक्षों की राय भी ली जाएगी। प्रांतीय अध्यक्ष प्रदेशभर में कहीं भी सजातीय लोगों के सम्मेलन आयोजित कर सकेंगे।
कांग्रेस ने फिलहाल दलितों और विशेषकर जाटवों में जनाधार बढ़ाने की रणनीति बनाई है। पार्टी का मानना है कि अभी तक बसपा के साथ रही जाटव बिरादरी का उससे मोहभंग हो रहा है। ऐसे में उन्हें कांग्रेस के नजदीक लाना चाहिए। इसी के तहत जाटव बिरादरी के खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह ब्राह्मणों को जोड़ने की मुख्य जिम्मेदारी नकुल दुबे और योगेश दीक्षित को दी गई है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी पूरे प्रदेश में मुसलमानों के बीच पार्टी के समर्थन में मुहिम चलाएंगे।
फीडबैक के लिए बनाई गोपनीय टीम
कांग्रेस ने पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के लिए 25 कार्यकर्ताओं की गोपनीय टीम बनाई है। यह टीम मीडिया से दूर रहकर सीधे प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट करेगी।