डॉ. अभिनव का कहना है कि आवारा कुत्तों की आबादी पर रोक लगाने को नया एबीसी सेंटर अमौसी क्षेत्र में कान्हा उपवन के आगे बनाया जा रहा है। इसका 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अक्तूबर तक यह तैयार हो जाएगा और नए साल में टेंडर करके संचालन शुरू करा दिया जाएगा। यहां रोजाना 50 कुत्तों की नसबंदी हो सकेगी। साथ ही यहां एक साथ 300 कुत्तों को रखा जा सकेगा। नसबंदी के बाद एक कुत्ते को करीब आठ दिन रखना पड़ता है। इसके बाद उसे उसी इलाके में छोड़ा जाता है, जहां से लाया जाता है। कुत्तों की आबादी को लेकर नए सिरे से गणना भी कराई जाएगी। इसके लिए पशुपालन विभाग को पत्र भी भेजा गया है।
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...तो चार लाख पहुंच जाती संख्या :
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा का कहना है कि नसबंदी अभियान न चलता तो इस समय आवारा कुत्तों की आवादी करीब चार लाख होती। एक मादा कुत्ता वर्ष में दो बार बच्चे देती है और एक बार में कम से कम छह से 10 तक बच्चे होते हैं। औसतन इनमें से आधे जीवित रहते हैं।
फैजुल्लागंज में आवारा कुत्तों ने बुधवार को बुजुर्ग महिला और बृहस्पतिवार को एक बच्चे को काट लिया। कुत्तों के बढ़ते आतंक से इलाके के लोगों में दहशत है। फैजुल्लागंज के गाजीपुर इलाके की करिश्मा ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े पांच बजे रास्ते से गुजर रही बजुर्ग महिला पर एक कुत्ते ने हमला कर उनके पैर पर काट लिया। बृहस्पतिवार सुबह कुत्ते ने साइकिल से जा रहे बच्चे को दौड़ाकर काट लिया। करिश्मा ने बताया कि डेढ़ महीना पहले आठ वर्ष के आकाश को भी कुत्ते ने काट लिया था। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि कुत्ते के काटने की शिकायत नहीं आई है। फिर भी शुक्रवार को टीम भेजी जाएगी।