छोटी-सी दिखने वाली समस्या अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। पर, ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। बाराबंकी की बिंदु (25) के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। बिंदु की नाक पर छोटा-सा दाना निकला।
धीरे-धीरे यह दाना ऑप्थैल्मिक नर्व यानी आंख की जरूरी नस को नुकसान पहुंचाने लगी। नौबत यह आ गई कि उसकी आंख की रोशनी जा सकती थी।
समय रहते लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी बीमारी को पकड़ लिया और उसकी आंख की रोशनी जाने से बच गई। बिंदु जिसे छोटी-सी समस्या समझ रही थी वह हरपीस जॉस्टर था।
डॉक्टरों का कहना है कि इसका संक्रमण बढ़ जाता तो अपंगता का दंश देने के साथ ही जानलेवा भी हो सकता था। बिंदु को चेहरे, पेट और सिर में तेज दर्द की शिकायत के साथ लोहिया अस्पताल के सर्जरी वार्ड में 31 मई को भर्ती कराया गया।
एक जून को अस्पताल के निदेशक डॉ.पद्माकर सिंह, फिजीशियन डॉ. संदीप चौधरी और डॉ. एमएल भार्गव राउंड ले रहे थे। राउंड के समय तीनों डॉक्टरों ने उसके नाक के दाहिनी तरफ छोटा-सा दाना देखा।
अगले दिन उसी दाने की जगह दूसरा दाना निकल आया। फिजीशियन डॉ. संदीप चौधरी ने मामले को गंभीरता से लिया और अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. अतुल मिश्रा के पास रेफर कर दिया।
नेत्र सर्जन ने जांच के बाद मरीज को ‘हरपीस जॉस्टर’ से पीड़ित होने की पुष्टि कर दी। डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि मरीज को इंफीरियर कैंथस वैराइटी का हरपीस था। इसमें आंख के भीतर निचले हिस्से में संक्रमण शुरू होता है।