आजम खां : सारे नियम ताक पर रखकर की थी जल निगम में भर्तियां
सपा शासनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां जल निगम बोर्ड के चेयरमैन भी थे। वर्ष 2016 में 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक व 32 आशुलिपिक समेत 1300 पदों पर भर्तियां की थीं। भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति नहीं ली गई थी। सरकार के बजाय जल निगम के अध्यक्ष के स्तर पर ही भर्ती की मंजूरी दी गई थी। एई कंप्यूटर के चार पदों पर भर्ती भी बिना पद सृजन के ही कर दी गई। योगी सरकार इस मामले में 122 सहायक अभियंताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।
ये भी फंसे : आजम के साथ-साथ उनके सचिव रहे एसपी सिंह, निजी सचिव, जल निगम के एमडी समेत अन्य।
लुईस खुर्शीद : विकलांगों को उपकरण बांटने में 71.5 लाख का गबन
सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट चलाती हैं। 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ट्रस्ट को 71.50 लाख रुपये का अनुदान देकर विकलांगों का शिविर लगाकर उपकरण बांटने के लिए कहा था। ट्रस्ट ने दावा किया कि कायमगंज में कैंप लगाकर उपकरण बांटे गए। हालांकि 5 साल तक चली ईओडब्ल्यू की जांच में सब फर्जी पाया गया। ईओडब्ल्यू ने ट्रस्ट की सर्वेसर्वा लुईस व अन्य के खिलाफ केस की अनुमति मांगी है।
मेरठ में फर्जी राशन कार्ड के जरिए गरीबों को मिलने वाले राशन की लूट की भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी की शिकायत पर सरकार ने एसआईटी से जांच कराई। जांच में मेरठ में 58 फीसदी राशन कार्ड फर्जी मिले। प्रदेश में अब तक 30 लाख से अधिक राशन कार्ड फर्जी पाए जा चुके हैं। वाजपेयी का दावा है कि फर्जी राशन कार्ड से पूरे प्रदेश में तकरीबन 2 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।