नेशनल पीजी कॉलेज में सत्र 2022-23 के लिए यूजी, पीजी और प्रोफेशनल कोर्सोँ में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाएं सात से नौ जुलाई तक होंगी।
वर्तमान में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है।
प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के बाद दाखिले मेरिट के आधार पर लिए जाएंगे। काउंसिलिंग प्रक्रिया को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
कॉलेज का नैक मूल्यांकन 21 और 22 जुलाई को प्रस्तावित है। इसके बाद ही काउंसिलिंग कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई से काउंसिलिंग कराने का प्रस्ताव है।
जल्द ही इसका भी शेड्यूल फाइनल कर जारी कर दिया जाएगा। नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ यूनिवर्सिट एसोसिएटेड कॉलेज मैनेजमेंट एडमिशन (लुआक्मैट) के जरिए प्रोफेशनल कोर्सों में दाखिला देता है।
इसके तहत बीबीए, बीबीए एमएस, बीबीए टूरिज्म, बीसीए, बीकाम आनर्स, बीजेएमसी, बीबीए आइबी और बीवोक में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा कराई जाती है।
स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश कॉलेज की प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जाएगा, जबकि पीजी पाठ्यक्रम जैसे एमकॉम, एमए, एमएससी में दाखिला मेरिट के आधार पर होगा। हाईस्कूल, इंटर और स्नातक में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनाया जाएगा।
तीन साल बाद नेशनल पीजी कॉलेज का होगा नैक मूल्यांकन
राजधानी का स्वायत्त कॉलेज नेशनल पीजी कॉलेज तीन साल बाद राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) का मूल्यांकन कराने जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2014 में नैक द्वारा मूल्यांकन किया गया था, जिसमें कॉलेज को ए ग्रेड मिला था। 2019 तक उसकी वैधता थी। अब कॉलेज ने नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है, जिसके पश्चात नैक की टीम 21 और 22 जुलाई को कॉलेज का दौरा करेगी। कॉलेज प्रशासन द्वारा सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) प्रस्तुत करने के बाद नैक ने मूल्यांकन के लिए तिथि का निर्धारण किया है। कोरोना की वजह से कॉलेज आवेदन प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाया था। निरीक्षण के दौरान नैक की टीम कॉलेज के शैक्षणिक व प्रशासनिक संसाधनों का जायजा लेने के अलावा छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से भी बात करेगी। नैक मूल्यांकन में 70 प्रतिशत अंक एसएसआर पर दिए जाते हैं, जो कॉलेज दे चुका है। वहीं, 30 प्रतिशत अंक कॉलेज के निरीक्षण के आधार पर दिए जाते हैं। नैक मूल्यांकन 107 प्रश्नों के आधार पर किया जाता है। इसमें कॉलेज में अकादमिक व प्रशासनिक सुविधाओं के अलावा डेटा आधारित सूचनाएं सम्मिलित होती हैं।