अमेठी जिले के महोना कस्बे में एक ही परिवार के दस लोगों को गला रेतकर मार डाला गया जबकि परिवार के मुखिया जमालुद्दीन (45) का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। जिनका गला रेता गया उनमें तीन महिलाएं और सात लड़कियां शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सबको मारने के बाद जमालुद्दीन खुद फांसी पर लटक गया। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि साजिश के तहत किसी ने सबको मारने के बाद जमालुद्दीन को फांसी पर लटका दिया। जमालुद्दीन के भाई ने सामूहिक हत्या की तहरीर दी है।
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जमालुद्दीन बैट्री व गैस चूल्हा रिपेयरिंग का काम करता था। जमालुद्दीन के बेटे अमन का कहना है कि मंगलवार को दिन में उसकी दुकान पर कोई आया था और कोई दवा दे गया था। जमालुद्दीन ने यही दवा परिवार की सभी महिलाओं को पीने को दिया था और कहा था कि इससे महिलाओं की सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं।
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दवा पीने के बाद सब बेहोश हो गए। इसके बाद ही हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जिनका गला रेता गया उनमें जमालुद्दीन की चार बेटियां, उसके भाई शमसुद्दीन की पत्नी व दो बेटियां और दूसरे भाई रईस की पत्नी व दो बेटियां शामिल हैं। जबकि जमालुद्दीन के उसी घर में रहे दो बेटे जिंदा मिले जबकि उसकी पत्नी जाहिदा और बेटी अफसरा बेहोशी की हालत में मिलीं।
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उठ रहे सवाल : जमालुद्दीन ने सबको मारा तो उसके शरीर पर खून के छींटे क्यों नहीं
पुलिस का मानना है कि जमालुद्दीन ने ही सबको मारा। पर हत्या किस हथियार से की गई इसका पता नहीं चला। हत्या जमालुद्दीन ने की तो उसके कपड़ों पर खून के छींटे क्यों नहीं? फिर वह शख्स कौन था जिसने दवा दी थी?
ग्रामीणों ने वाहन को लगाया आग
आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों को घर के सामने रखकर घंटों प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने मीडिया कर्मियों पर भी हमला कर दिया और एक वाहन को आग लगा दी।