हाईकोर्ट के आदेश पर सील की गई एक इमारत को पिछले दो महीने में एलडीए के अभियंताओं ने पूरा बनवा दिया।
गौर करने वाली बात यह है कि एक ओर तो एलडीए के इंजीनियर अपनी मुट्ठी गरम कर इस इमारत का निर्माण करवाते रहे।
वहीं इसके ठीक सामने स्थित मदेयगंज चौकी पुलिस ने भी सील इमारत में निर्माण नहीं रोका।
डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट के आदेश मुख्य सीतापुर रोड पर कई इमारतों को सील किया गया था।
इसके बावजूद इनमें से एक मदेयगंज पुलिस चौकी की विपरीत दिशा में बनाई जा रही तीन मंजिला अपार्टमेंट का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
यहां पेंटिंग के साथ अब खुलेआम फिनीशिंग का काम किया जा रहा है।
इस इमारत के साथ जिन बिल्डिंगों को सील किया गया था, उनके कुछ बिल्डरों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से अभियंताओं की शिकायत की है।
इसमें कहा गया है कि इस क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर की सरपरस्ती में बिल्डर ने यह बिल्डिंग बनवा दी है। जबकि, सील इमारत के निर्माण को प्राधिकरण में सबसे बड़ा अपराध माना जाता है।
इसके बाद में बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण का रास्ता भी खुल जाता है। इसके बावजूद बिल्डर ने इमारत के निर्माण का दुस्साहस दिखाया और अभियंताओं ने इसमें पूरा सहयोग किया।
इसकी शिकायत किए जाने के बाद अब प्राधिकरण के अधिकारी सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं।