प्रदेश के कद्दावर मंत्री आजम खां के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में निलंबित चल रहे अधिशासी अभियंता को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिल पाई।
अदालत ने निलंबन आदेश में दखल देने से इन्कार कर दिया।
मुजफ्फरनगर दंगे के मामले में फेसबुक पर टिप्पणी के बाद राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता विजय कुमार को 24 सितंबर को निलंबित कर दिया गया था।
अभियंता ने निलंबन आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी। याची का कहना है कि उनके फेसबुक एकाउंट का दुरुपयोग कर किसी दूसरे ने उनके नाम से शरारतपूर्ण टिप्पणी पोस्ट कर दी थी।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की खंडपीठ ने बुधवार को मामले में फैसला सुनाया।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के जवाब से लगता है कि यह आपत्तिजनक टिप्पणी उसके फेसबुक एकाउंट से प्रदर्शित तो हुई है, लेकिन उसका यह भी दावा है कि यह टिप्पणी किसी और ने उसके एकाउंट का दुरुपयोग कर की है।
अदालत ने सारे पहलुओं को सुनने के बाद कहा कि वह निलंबन आदेश में दखल नहीं देना चाहती है। हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी है कि वह मंत्री से समय लेकर बिना शर्त माफी मांगकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। अदालत ने इस टिप्पणी के साथ याचिका खारिज कर दी।