राजधानी को साल 2013 की विदाई और नववर्ष के आगमन पर पांच नये 33/11 केवी उपकेंद्रों मानसरोवर, नादरगंज, रतनखंड,अलीगंज,आईआईएम रोड का तोहफा मिलेगा।
45 दिन के भीतर इन उपकेंद्रों का लोकार्पण होने के बाद जनता को बिजली आपूर्ति होने लगेगी। इससे करीब 60,000 कनेक्शन धारकों की बिजली सुधरेगी।
आईआईएम रोड एवं नादरगंज का लोकार्पण इसी महीने होने वाला है। इन उपकेंद्रों को बिजनेस प्लान 2012 एवं 2013 में प्लान किया गया था।
अधिकतर उपकेंद्रों पर पावर ट्रांसफॉर्मर (5 एवं 10 एमवीए) स्थापित हो चुके हैं। कहीं पर निर्माण कार्य खत्म हो चुका है तो कहीं खत्म होने वाला है।
जिस उपकेंद्र का निर्माण कार्य खत्म हो चुका, उसकी टेस्टिंग होने वाली है। इन उपकेंद्रों के चालू होने से सबसे ज्यादा उन उपकेंद्रों को फायदा होगा,जहां से वर्तमान में उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है।
उपभोक्ताओं के विद्युत लोड नये उपकेंद्रों पर स्थानांतरित होने से स्थानीय खराबी कम होगी। वहीं,आईआईएम रोड,शहीद पथ,ट्रांसपोर्ट नगर,नादरगंज,बंगला बाजार के नवविकसित इलाकों को लो वॉल्टेज की समस्या से भी निजात मिलेगी। और गर्मियों में बिजली कटौती नहीं होगी।
डालीगंज खंड के एक्सईएन अशोक कुमार वर्मा बताते आगामी गर्मी आने से पहले ही गोयल चौराहे बन रहा अलीगंज उपकेंद्र चालू हो जाएगा। इसके चालू होने से पुरनिया उपकेंद्र को सबसे अधिक राहत महसूस होगी।
इनकी ओवर लोडिंग होगी खत्म
वृंदावन खंड के एक्सईएन नंद किशोर मिश्रा बताते हैं कि निर्माणाधीन 33/11 केवी दो उपकेंद्र रतनखंड एवं मानसरोवर उनके खंडीय क्षेत्र में आएंगे।
रतनखंड के चालू होने पर रजनीखंड और मानसरोवर से बिजली आपूर्ति होने लगेगी। इससे बंगला बाजार उपकेंद्र की ओवर लोडिंग खत्म होगी।
इसी प्रकार नादरगंज से पुराने नादरगंज उपकेंद्र,अलीगंज से पुरनिया उपकेंद्र और आईआईएम से न्यू यूनिवर्सिटी उपकेंद्र की ओवर लोडिंग कम होने के कारण उनका संकट भी दूर होगा।
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