कोरोना का नाम सुनते ही हर कोई खौफ में आ जाता है। अब जरा उस परिवार की सोचिए, जिसकी बेटी की रिपोर्ट निजी पैथोलॉजी की गलती से पॉजिटिव आ गई हो?
ऐसे ही रायबरेली रोड स्थित सैनिक कॉलोनी के परिवार में कई दिनों तक खाना नहीं बना। मुहल्लेवालों ने नजरें फेर लीं। लोग बात करने से कतराते और आशंका भरी निगाहों से देखते।
सरकारी अस्पताल में जांच के बाद सच्चाई सामने आने में चार दिन गुजर गए। और, परिवार के लिए तब तक मुहल्ले में मुंह छिपाए रखने की नौबत आ गई।
इस मानसिक प्रताड़ना के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या गलत रिपोर्ट देने वाली लैब पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? उस बेटी का पिता अब यही सवाल पूछ रहा है।
अमर उजाला से बातचीत में बताई पूरी बात
‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने बताया कि 22 वर्षीय बेटी देहरादून से फूड एंड टेक्नोलॉजी में परास्नातक कर रही है। होली पर घर लौटी। इसके बाद लॉकडाउन हुआ तो यहीं रुक गई।
20 अप्रैल को उसके हाथ के नीचे फुंसी हुई। आलमबाग के निजी अस्पताल में दिखाया, जहां सर्जरी से पहले कोविड जांच की सलाह दी गई। निजी पैथोलॉजी के कर्मचारी ने 27 को घर आकर सिर्फ एक नाक से सैंपल लिया।
29 अप्रैल को सीएमओ ऑफिस से बेटी के पॉजिटिव होने की सूचना मिली। अगले दिन परिवार के पांचों सदस्यों के सैंपल लिए, जो निगेटिव आए। एक मई को मुहल्ले में बेटी के पॉजिटिव होने की खबर फैल गई।
शाम को मेडिकल टीम उसे केजीएमयू ले गई। दो को लिया सैंपल तीन मई की सुबह 11 बजे निगेटिव निकला। इसके बाद बेटी काे होम क्वारंटीन की सलाह देकर डिस्चार्ज कर दिया गया। इसी तरह गोमतीनगर के मरीज की रिपोर्ट भी निजी पैथोलॉजी ने पॉजिटिव बताई थी, जो केजीएमयू की जांच में निगेटिव मिला था।
दहशत में न आएं
दिशा -निर्देश पर होगी कार्रवाई
उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश के हिसाब से कार्रवाई होगी। राजधानी में अभी तक एक निजी लैब को ही जांच के लिए अधिकृत किया गया है। कारपोरेट लैब को प्रदेश स्तर पर जांच की जिम्मेदारी दी गई है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
जल्द की जाएगी कार्रवाई
रिपोर्ट को देखा जा रहा है। कोविड 19 के संबंध में जारी गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं, यह भी दिखाया जा रहा है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक प्रकाश, डीएम लखनऊ
दहशत में न आएं
यदि आपके आस-पास कोई पॉजिटिव मिलता है तो उससे दहशत में न रहें। परिवार के साथ दुर्व्यवहार न करें और उसे मानसिक तनाव न दें। -डॉ. आदर्श त्रिपाठी, मानसिक रोग विशेषज्ञ, केजीएमयू
सावधानी बरतें
किसी परिवार में पॉजीटिव मरीज है तो उसका तिरस्कार न करें। खुद सावधानी बरतें और उन्हें भी ऐसा करने को कहें। मोहल्ले में निकलें तो मास्क लगाएं। -डॉ. डी हिमांशु, प्रभारी सक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट, केजीएमयू