पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रहे कर्मचारियों ने एक नई पहल की शुरुआत की है। रविवार को उन्होंने प्रदेश भर के सभी सांसदों के घर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसी क्रम में अटेवा पेंशन मंच के पदाधिकारियों ने सांसद हरिओम पांडेय के पैतृक घर के समक्ष उपवास रखकर धरना दिया। शिक्षकों ने सांसद से सदन में आवाज उठाने की मांग की। कहा कि सरकार को कर्मचारियों की इस समस्या को गंभीरता से दूर करना चाहिए।
बुढ़ापे में पेंशन ही एक मात्र सहारा होता है, इसे बंद कर सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। बाद में सांसद हरिओम पांडेय ने मंच के धरने में शामिल होकर संबोधित किया। भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को सदन में भी उठाया जाएगा। शिक्षकों ने सांसद को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश रम ने शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि सांसद आवास का घेराव व प्रदर्शन आंदोलन का पहला पड़ाव है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर अटेवा मंच चुप नहीं बैठेगा। इसमें सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को एकजुट होने की जरूरत है।
सांसद हरिओम पांडेय के विरसिंहपुर स्थित आवास पर आयोजित धरने को जिलाध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र ने सदस्यों से एकजुट होने का आहवान किया। कहा कि सरकार से नई पेंशन योजना बंद करने व पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग की जा रही है। सरकार जब तक उनकी यह मांग पूरी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश संयुक्त मंत्री संजय उपाध्याय ने कहा कि एनपीएस पूर्णत: जोखिम भरी एवं पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली योजना है। सरकार ने हमारी बुढ़ापे की लाठी को छीन लिया है। इसके चलते सामाजिक असुरक्षा का खतरा उत्पन्न हो रहा है।
बाद में सांसद हरिओम पांडेय धरना स्थल पहुंचे, और आंदोलनरत लोगों को आश्वस्त किया। कहा कि उनकी मांगों को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। कहा कि उनके स्तर से जो भी प्रयास होगा वह सुनिश्चित होगा। सांसद के आश्वासन पर अटेवा मंच के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। बाद में पदाधिकारियों ने सांसद को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि आगामी 26 नवंबर को दिल्ली में पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए आंदोलन होगा। सरकार जब तक उनकी इस मांग को पूरा नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संजय उपाध्याय, धर्मेंद्र यादव, शशिकुमार मिश्र, श्यामभूषण सोनी, अरुण तिवारी, अनूप शुक्ल, अजीत यादव व शैलेंद्र शशि आदि मौजूद रहे।