सूबे में वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग व समाजवादी पेंशन योजना में पात्रों को अनिवार्य रूप से पेंशन दी जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
साथ ही अपात्रों को पेंशन देने पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग शीघ्र ही आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि सूबे में वृद्धावस्था, विधवा, रानी लक्ष्मीबाई और विकलांग पेंशन योजना चल रही है। अप्रैल से समाजवादी पेंशन योजना शुरू हो जाएगी।
यह योजना शुरू होगी रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना बंद हो जाएगी। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत के बीपीएल सूची में शामिल 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को हर महीने तीन सौ रुपये देने की व्यवस्था है।
इससे फिलहाल सूबे के 38,25,688 वृद्धों को लाभ मिल रहा है। जबकि विधवा पेंशन के तहत सूबे में 18 से 60 वर्ष की आयु वाली 15,97,102 महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
इसी तरह विकलांग पेंशन योजना में 7,79,480 और रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना में 23,87,503 लोगों को पेंशन दिया जा रहा है।
पेंशन लाभार्थियों को होगा सत्यापन
पेंशन योजना में जिलेवार आवेदनों का सत्यापन होता है। इसके बावजूद समाज कल्याण विभाग को अपात्रों को पेंशन दिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
पेंशन योजना का लाभ सिर्फ पात्रों को ही मिले इसके लिए लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाएगा। ताकि अपात्रों को चिह्नित कर पेंशन से वंचित किया जाए व अपात्रों को पेंशन लाभ देने के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हाो।