राष्ट्रीय राजमार्गों की तरह ही लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे समेत राज्य सरकार के उन सभी मार्गों को इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम के दायरे में लाया जाएगा, जहां टोल टैक्स वसूला जाता है। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रोग्राम (एनईटीसी) के तहत राज्य की टोल वाली सड़कों पर यह सिस्टम स्थापित करने का 50 फीसदी खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि एनईटीसी प्राधिकरण का फ्लैगशिप कार्यक्रम है। इसके तहत सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) की व्यवस्था लागू की जा रही है।