लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के प्रबंध निदेशक आरिफ सकलेन ने बताया कि अनुबंध पर बस संचालन को कंपनियों के रेट बहुत अधिक थे। इन पर भारी उद्योग मंत्रालय को आपत्ति थी। इस कारण सिटी बस की टेक्निकल एवं फाइनेंशियल बिड खुलने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया।
सिटी बस का बेड़ा
150 खटारा बसें
22 एसी इलेक्ट्रिक बसें
नए सिरे से तैयार होगा प्रस्ताव
नगरीय परिवहन निदेशालय के संयुक्त निदेशक अजीत सिंह का कहना है कि लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के बेड़े में 100 इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसों को अनुबंध पर शामिल करने की जो प्रक्रिया चल रही थी वह निरस्त हो गई है। सिटी बसों के संचालन को नये सिरे से प्रस्ताव तैयार होगा।