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यूपी: भाजपा के 2017 के ये चुनावी वादे अभी भी अधूरे, अनुपूरक बजट के जरिए ही पूरे होने की उम्मीद

Wed, 24 Feb 2021 10:02 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना पांचवां बजट भी पेश कर दिया, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में किए गए कई प्रमुख वादे अब भी अधूरे हैं। मतदाताओं को इन वादों को पूरा होने का इंतजार है। सरकार चाहे तो अनुपूरक बजट के जरिए इन वादों को पूरा कर सकती है।

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प्रदेश सरकार अगले महीने अपना चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। सोमवार को सरकार ने इस कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट भी पेश कर दिया। लेकिन, किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण, यूपी में स्थापित उद्योगों में 90 प्रतिशत नौकरियों को प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित करने, कॉलेज में दाखिला लेने वाले सभी युवाओं को मुफ्त लैपटाप, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन 1000 रुपये करने व सभी गरीबों को गरीब कल्याण कार्ड व उसमें दी जाने वाली सुविधाओं जैसे कई वादे अभी अधूरे हैं।

2017 विधानसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ भाजपा नेताओं की मौजूदगी में जारी संकल्प पत्र में छोटे-बड़े 225 से अधिक वादे किए गए थे। सरकार ने इन चार वर्षों में पेश पांच बजट व कई अनुपूरक बजटों के जरिए इनमें से दो तिहाई वादों को पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से अमल करने में सफलता हासिल की है, लेकिन करीब एक तिहाई वादों पर अब भी अमल होना बाकी है।
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जानकार बताते हैं कि पूर्ण बजट के बाद ज्यादा कुछ किए जाने की गुंजाइश तो नहीं है। लेकिन, सरकार आर्थिक संसाधन की उपलब्धता के हिसाब से एक या इससे अधिक अनुपूरक बजट के जरिए प्राथमिकता तय कर इनमें कई वादों को पूरा कर सकती है।

पांच में से तीन वर्ष विशेष परिस्थितियां, फिर भी उल्लेखनीय कार्य

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि 2017 में सरकार जब सत्ता में आई थी तब खजाना खाली की स्थिति था। लेकिन, पहली कैबिनेट बैठक में ही किसानों का 36 हजार करोड़ कर्जमाफी का वादा पूरा किया जाना था। यह सबसे बड़ा वादा था, जिसे पूरा किया गया।

इसके अलावा चालू वित्त वर्ष में कोरोना महामारी ने अर्थव्यवस्था को ही बैठा दिया। इसका असर अगले वित्त वर्ष तक रहेगा। पांच में से तीन वर्ष इन विशेष परिस्थितियों में बीतने वाले हैं। इसके बावजूद सरकार ने संकल्प पत्र में किए गए अधिकतर चुनावी वादों, मुख्यमंत्री व मंत्रियों की समय-समय पर की गई तमाम घोषणाओं को पूरा करने के साथ जनहित व विकास के अनके उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसके बावजूद सरकार चाहेगी तो प्राथमिकता तय कर कई अन्य वादे भी आगे पूरे किए जा सकते हैं।

प्रमुख वादे जिन्हें अभी भी पूरा होने का इंतजार

 सभी लघु व सीमांत किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण।

- भूमिहीन कृषि मजदूरों को गौधन योजना के अंतर्गत गाय व अन्य दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे।

- दुग्ध संग्रह के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की सहायता से हर 4 जिलों के समूह में एक संपूर्ण दुग्ध प्रोसेसिंग डेयरी की स्थापना।

- प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना और पैकेजिंग, निर्यात व रिसर्च की सुविधा।

- यूपी में स्थापित हर उद्योग में 90 प्रतिशत नौकरियों को प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित किया जाना।

- प्रदेश के सभी युवाओं को कॉलेज में दाखिला लेने पर बिना जाति व धर्म का भेदभाव के मुफ्त लैपटाप और एक जीबी मुफ्त इंटरनेट।

- सभी लड़कों के लिए कक्षा-12 तक तथा कक्षा-12 में 50 प्रतिशत से अधिक पाने वाले लड़कों को ग्रेजुएट स्तर पर मुफ्त शिक्षा।
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ये वादे भी हैं अधूरे

- गरीब परिवारों से आए छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए 500 करोड़ के बाबासाहेब अंबेडकर छात्रवृत्ति कोष की स्थापना।

- कक्षा-12 तक के गरीब छात्र-छात्राओं को पुस्तकें, स्कूल यूनिफार्म, जूते तथा स्कूल बैग मुफ्त।

- यूपी में एक नए महामना पंडित मदन मोहन मालवीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना।

- प्रयागराज व झांसी में मेट्रो सेवा।

- गरीब परिवार में बेटी के जन्म लेने पर 5001 रुपये गरीब कल्याण कार्ड के माध्यम से बेटी की मां मिलना।

- विधवा और वृद्धावस्था पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये करना।

- वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा कराने का दायित्व सरकार निभाएगी।

- सभी स्तर के खिलाड़ियों को मासिक विकास राशि दी जाएगी।
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