लखनऊ। कृष्णानगर के सिंधुनगर निवासी सेवानिवृत्त बैंककर्मी इंद्रजीत सिंह सूझबूझ से ठगी का शिकार होते-होते बचे। ठग ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर, पॉर्न वीडियो भेजने और हवाले के कारोबार से जुड़ने का आरोप लगाते हुए उन्हें छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। समय रहते उन्होंने पुलिस को सूचित कर वारदात को अंजाम देने से रोक दिया।
इंद्रजीत सिंह की पत्नी कैंसर पीड़ित हैं और रिश्तेदार के घर रहती हैं। उनका बेटा और बेटी बाहर रहते हैं। उनके अनुसार, मंगलवार दोपहर दो बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। उसने उन पर बच्चियों और महिलाओं को पॉर्न वीडियो भेजने का आरोप लगाया। उसने कहा कि वह मुंबई तिलकनगर पुलिस स्टेशन से फोन कर रहा है। इसके बाद उन पर हवाले के कारोबार का आरोप लगाते हुए नरेश गोयल से जोड़ा गया। आरोपी ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर धमकाना शुरू किया। आरोपी ने फोन न करने और कमरे से बाहर न जाने की हिदायत दी। इंद्रजीत छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे। रात करीब आठ बजे के आसपास उन्होंने वॉशरूम जाने का बहाना किया और घर से बाहर निकलकर पड़ोसी के फोन से रिश्तेदार को सूचना दी। रिश्तेदार ने फौरन खबर कृष्णानगर पुलिस को दी। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर कृष्णानगर पीके सिंह पुलिस टीम के साथ इंद्रजीत सिंह के घर पहुंचे और उनकी काउंसिलिंग की। इंद्रजीत सिंह ने कृष्णानगर पुलिस का धन्यवाद अदा किया है।