एक शाम शहीदों के नाम कवि सम्मेलन में ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी ओजपूर्ण रचनाओं के माध्यम से शुक्रवार देर रात तक शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत माता की जय... के साथ विख्यात कवि कुमार विश्वास ने कार्यक्रम शुरू करते हुए उपस्थित हजारों लोगों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया। भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी पर कुमार विश्वास ने अपनी रचना सुनाई तो दर्शकों में देशभक्ति, ऊर्जा, जोश एवं उत्साह का अद्भुत समन्वय नजर आया। उन्होंने अभिनंदन के स्वागत में कहा कि किसकी मजाल है जो घेर ले दिलेर को, गर्दिश में घेर लेते हैं गीदड़ भी शेर को...।
जीआईसी में भाजपा के मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ की ओर से आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में प्राख्यात कवि कुमार विश्वास को सुनने भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने मंच संभालते ही ओजपूर्ण गीतों से समां बांध लिया। विश्वास ने - है नमन उनको कि जो यश काय को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गए हैं, है नमन उनको कि जिनके सामने बोना हिमालय, जो धरा पर गिर पड़े पर आसमानी हो गए हैं...गीत के साथ जब सैनिकों को श्रद्धांजलि दी तो हर आंखें नम हो उठी। कुमार विश्वास ने हजारों लोगों में देशभक्ति का संचार किया तो वहीं सैनिकों की शौर्य गाथा अपने अंदाज में प्रस्तुत किया। उन्होंने पाकिस्तान पर करारे व्यंग्य भी किए।
इससे पूर्व कवि सम्मेलन की शुरूआत आगरा की कवि ममता शर्मा ने शारदा वंदन ने प्रस्तुत कर की। उन्होंने नेताओं पर व्यंग्य किया कि नेता गिरा रे, वोटों के बीच बाजार में ...तो पूरा ऑडोटोरियम तालियों की आवाज से गूंज उठा। संचालन मुंबई के प्रख्यात कवि दिनेश बावरा ने किया। कार्यक्रम के आयोजक मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ द्वारा कवियों का स्वागत सम्मान किया गया।
इस अवसर पर कोई पागल समझता है, वो 42 दिन...नाम की पुस्तक का लोकार्पण भी हुआ। कवि सम्मेलन में सांसद लल्लू सिंह, सांसद अंबेडकरनगर हरिओम पांडेय, गोसाईंगज विधायक इंद्रप्रताप तिवारी, बीकापुर विधायक शोभा सिंह चौहान सहित अन्य हजारों की संख्या में श्रोता मौजूद रहे।