फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईद: रोजेदार करते रहे इंतजार, मंगलवार को नहीं दिखा ईद का चांद, अब 11 अप्रैल को मनाई जाएगी ईद उल-फित्र

Wed, 10 Apr 2024 12:11 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

ईद का चांद मंगलवार को नहीं दिखा। अब ईद 11 अप्रैल को मनाई जाएगी। मरकज़ी चांद कमेटी ने इसका एलान किया है। 
विज्ञापन
ऐशबाग ईदगाह में चांद देखते मौलाना खालिद रशीद फरंगी महल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 ईद का चांद मंगलवार को नहीं दिखाई दिया। ईद उल फित्र अब बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी। मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मंगलवार को इस्लामिक माह शवाल का चांद न होने का एलान किया। उन्होंने कहा कि ईद का त्योहार अब बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने भी शवाल (ईद) का चांद न होने का एलान किया। मौलाना ने कहा कि 11 अप्रैल को शवाल की पहली तारीख होगी। इसके अलावा इदारा शरइया फरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी मही ने भी ईद का चांद न होने का एलान किया है।

विज्ञापन


रमजान उल मुबारक में रोजे रख कर इबादत में गुजार कर रोजेदारों ने अल्लाह की रहमत हासिल करने और अपने गुनाहों की माफी के लिये दुआ की। पूरा एक महीने रोजे रखकर इबादत में गुजारने के बाद अब रोजेदारों को ईद का इंतजार है। ईद का चांद देखने की उलमा की अपील पर शाम को मगरिब की नमाज के बाद रोजेदारों की निगाहें चांद के दीदार को बेकरार रहीं। हर कोई आसमान में टकटकी लगाये चांद की एक झलक पाने का इंतजार करता रहा लेकिन उनका इंतजार खत्म नहीं हुआ। शाम को सुन्नी व शिया उलमा ने ईद का चांद न दिखने का एलान किया। ईद का चांद न होने पर रोजेदार मायूस जरूर हुये लेकिन उन्हें इस बात की खुशी ज्यादा थी कि उन्हें एक दिन और इबादत करने और रोजा रखने का मौका मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईदगाह और मस्जिद परिसर के बाहर न अदा न करें नमाज
इस्लामिक सेन्टर आफ इंडिया फरंगी महल के चेयरमैन एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ईद उल फित्र की एडवाइजरी जारी कर तमाम मुसलमानों से उस पर अमल करने अपील की। मौलाना ने बताया कि ऐशबाग ईदगाह में ईद उल फित्र की नमाज सुबह 10 बजे होगी। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी करते हुये कहा कि ईदगाह और मस्जिद परिसर के बाहर नमाज अदा न करें। उन्होंने कहा कि अगर मस्जिद नमाजियों से भर जाये तो बाकी के नमाजी दूसरी मस्जिद में नमाज अदा करें। उन्होंने कहा कि अगर सम्भव हो तो मस्जिद की छत पर भी नमाज अदा कर सकते हैं। मौलाना ने बताया कि हर मस्जिद में नमाज के लिए पन्द्रह मिनट से आके घंटे का समय अलग रहता है, ऐसे में मस्जिद भरने पर दूसरी जगह चले जायें। मौलाना ने बताया कि मुसलमानों से ईद के दिन गुस्ल करना, अच्छे कपड़े पहनना, खुशबू , तेल, सुर्मा लगाना और खुजूर खाना सुन्नत है। मौलाना ने नमाज से पहले गरीबों को सद्का देने का आवाहन करते हुये कहा कि इस साल एक आदमी का सदका ए फित्र कम से कम 65 रूपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने असुविधा से बचने के लिये ईदगाह में समय से पहले आने की अपील की। मौलाना ने लाउडस्पीकर की आवाज तय मानक के अनुसार रखने और गाड़ियों को पार्किंग की जगह ही पार्क करने की भी अपील की।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें