लखनऊ। पढ़ाई का बोझ हो या फिर मनोरंजन, बच्चों में मोबाइल की लत लगातार बढ़ रही है। स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से बच्चों में चिड़चिड़ापन, आंखों की कमजोरी, तनाव व मानसिक कमजोरी समेत कई बीमारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में बाल साहित्य में बच्चों की रुचि जगाने के चौतरफा प्रयास तेज हो गए हैं। एक ऐसी ही मुहिम शुरू की गई है चारबाग स्थित रविंद्रालय में शनिवार से शुरू हुए नौ दिवसीय लखनऊ पुस्तक मेले में। इस मेले में बच्चों के लिए साहित्य कैसा हो, कैसे उनकी रुचि इसे पढ़ने में बढ़े, जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली के चिल्ड्रन्स बुक ट्रस्ट ने पुस्तक मेले में बच्चों को ध्यान में रखते हुए हजारों पुस्तकों की शृंखला उतारी है, जिसमें किस्से-कहानी, इतिहास, तकनीक, महापुरुषों और खेल से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं। ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर लाल ने कहा कि पुस्तकों व अन्य रचनात्मक गतिविधियों के जरिये बच्चों के मानसिक और रचनात्मक विकास में योगदान किया जा सकता है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने लखनऊ पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि मेट्रो गोस्मार्ट कार्डधारकों के लिए किसी भी स्टॉल से किताब खरीदने पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई जाएगी, जिसके विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। मेले के आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि नौ मार्च तक चलने वाले मेले में पुस्तक विमोचन, लेखकों से मिलने का मौका, कवि सम्मेलन, प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।
अगीत परिषद ने किया साहित्यकारों का सम्मान
लखनऊ। पुस्तक मेले के सांस्कृतिक मंच पर अखिल भारतीय अगीत परिषद के तत्वावधान में संस्था के संस्थापक स्व. डॉ. रंगनाथ मिश्र ''सत्य'' की जयंती के अवसर पर साहित्यकार दिवस व सम्मेलन का आयोजन भी हुआ।
इस अवसर पर राजेश कुमार द्विवेदी को डॉ. रंगनाथ मिश्र ''सत्य'' सुस्मृति सम्मान, डॉ. सुषमा सौम्या को कल्याणी देवी सुस्मृति सम्मान, डॉ. रमा जैन अग्रवाल को शांति सक्सेना सुस्मृति सम्मान, डॉ. राजीव रत्न मौर्य को रामराज मौर्य सुस्मृति सम्मान, अनिल किशोर शुक्ल निडर को विप्लव वर्मा सुस्मृति सम्मान व अन्य साहित्यकारों को कलाधर सम्मान से नवाजा गया। युवा कवि देवेश द्विवेदी ''देवेश'', डॉ. शिव मंगल सिंह ''मंगल'', तेजनारायण श्रीवास्तव ''राही'', मंजू सक्सेना, अनिल किशोर शुक्ल निडर ने काव्यपाठ किया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार महेश चंद्र द्विवेदी (पूर्व पुलिस महानिदेशक) रहे। अध्यक्षता प्रो. ऊषा सिन्हा (पूर्व अध्यक्ष भाषा विज्ञान विभाग, लविवि) व संचालन डॉ. योगेश ने किया। इस दौरान परिषद अध्यक्ष अनुराग मिश्र, आशुतोष मिश्र, डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी, रत्ना बापुली, डॉ. सुषमा सौम्या, जया शर्मा, अपर्णा गुप्ता, प्रेम शंकर शास्त्री बेताब, प्रतिमा श्रीवास्तव, शीला वर्मा, आचार्य ओम नीरव, डॉ. सत्यदेव प्रसाद द्विवेदी पथिक, रवींद्र नाथ तिवारी, उमेश चंद दुबे, कृपा शंकर श्रीवास्तव विश्वास, रमाशंकर सिंह, डॉ. विद्या सागर मिश्र ''सागर'' आदि मौजूद रहे।