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यूपी की इन 20 सीटों पर तो गठबंधन का ही गणित दिख रहा भारी, भाजपा का मिशन 74 नहीं है आसान

Tue, 02 Apr 2019 04:27 PM IST
ishwar ashish सचिन मुद्गल /अमर उजाला, लखनऊ
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
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भाजपा लोकसभा चुनाव में भले ही 74 प्लस का नारा दे रही हो लेकिन उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 20 सीटों पर तो गठबंधन का गणित ही भारी पड़ता दिख रहा है। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 80 में से 71 सीटें जीती थीं। इनमें 20 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की जीत का अंतर अधिकतम 1.15 लाख मतों का था। इनमें भी 17 उम्मीदवार एक लाख से कम मतों के अंतर से जीतकर संसद पहुंचे थे।

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आंकड़ों को देखें तो इन सीटों पर सपा और बसपा को मिले वोट भाजपा को पीछे छोड़ देते हैं। जाहिर है, यदि सपा और बसपा को 2014 की तर्ज पर वोट मिले तो भाजपा की लड़ाई कठिन हो जाएगी। गोरखपुर, फूलपुर और कैराना संसदीय सीटों के उपचुनाव की तर्ज पर यदि इस लोकसभा चुनाव में भी सपा व बसपा अपने-अपने वोट एक-दूसरे को दिला ले गई तो इन 20 सीटों पर भाजपा की जीत की राह कठिन होती दिखाई देती है।

भाजपा के रणनीतिकार भी इस बात को समझ रहे हैं। शायद इसीलिए उन्होंने इन सीटों के चुनावी समीकरण दुरुस्त करने की कोशिश शुरू कर दी है। हालांकि चुनाव परिणाम तय करने में मुस्लिम मतदाताओं का रुख भी काफी कुछ तय करेगा क्योंकि कांग्रेस इस बार भी अलग चुनाव लड़ रही है। उसने कई स्थानों पर मजबूत चेहरों को मैदान में उतारकर लड़ाई त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है।
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वैसे राजनीति में कभी दो और दो चार नहीं होता। वोट का गणित स्थिति और समीकरण तथा उम्मीदवारों की छवि एवं पार्टी के प्रति लोगों के नजरिया पर निर्भर करता है। पर, आम तौर पर जिस तरह मुस्लिम मतदाताओं का रुख भाजपा को हराने वाले उम्मीदवार को वोट देने का रहा है, उसे देखते हुए इन सीटों का गणित फिलहाल भाजपा की जीत की राह मुश्किल बनाता दिख रहा है।

सपा-बसपा ने समझा उपचुनाव की जीत का संदेश

फाइल फोटो
सपा-बसपा ने पिछले लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त और प्रदेश में हुए तीन संसदीय सीटों के उपचुनाव में मिली जीत का संदेश समझा। अखिलेश यादव और मायावती को त्रिकोणीय मुकाबले से हो रहे नुकसान का अहसास हो गया। साथ ही यह भी समझ में आ गया कि नरेंद्र मोदी के सामने एकला चलो की नीति से भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकते। नतीजतन सपा और बसपा नेताओं ने परस्पर वैरभाव भुलाते हुए गठबंधन कर भाजपा व मोदी से मुकाबला करने का फैसला किया।

गठबंधन का गणित फेल करने में जुटी भाजपा
ऐसा नहीं है कि उपचुनाव की हार के बाद भाजपा ने कोई सबक ही नहीं लिया। भाजपा के रणनीतिकारों ने यह समझते हुए कि सपा-बसपा गठबंधन भाजपा की जीत की राह को कठिन कर सकता है, इसके नेताओं ने मोदी और योगी सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को अपने वोटों में बदलने पर काम किया।

बूथों को सपा और बसपा मुक्त बनाने पर ध्यान दिया और प्रयास किया कि स्थानीय स्तर पर दोनों पार्टियों के नेताओं को भाजपा में लेकर इनका जमीनी आधार कमजोर कर दिया जाए। पार्टी की तरफ से अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने के लिए भी कई कदम उठाए गए। इनके सम्मेलन करने से लेकर इनके सरोकारों को सम्मान देने पर भी ध्यान दिया गया।

इन सीटों पर ये हैं आंकड़े

1. सहारनपुर
जीत का अंतर--65090
भाजपा-राघव लखनपाल--427999
कांग्रेस-इमरान मसूद--407909
बसपा- जगदीश राणा--235033
सपा-शहजाद मसूद--52,765

2. नगीना
जीत का अंतर--92390
भाजपा-यशवंत सिंह--367825
सपा-यशवीर सिंह--275435
बसपा-गिरीश चंद्र--245685
 
3. मुरादाबाद
जीत का अंतर--87504
भाजपा-कुंवर सर्वेश कुमार--485224
सपा-डॉ. एसटी हसन--397720
बसपा-हाजी मोहम्मद याकूब--160945

रामपुर, संभल, खीरी और कौशांबी का ये है सच

- फोटो : गूगल
4. रामपुर
जीत का अंतर--23435
भाजपा-नैपाल सिंह--358626
सपा-नासिर अहमद खान--335181
बसपा-अकबर हुसैन--81006
 
5. संभल
जीत का अंतर--5174
भाजपा-सत्यपाल सिंह--360242
सपा-शफीकुर्रहमान--355068
बसपा-अकीलुर्रहमान--252640
 
6.खीरी
जीत का अंतर--110274
भाजपा-अजय मिश्र उर्फ टेनी--398578
बसपा-अरविंद गिरि--288304
सपा-रवि प्रकाश वर्मा--160112
 
7.कौशांबी
जीत का अंतर--42847
भाजपा-विनोद सोनकर--331593
सपा-शैलेंद्र कुमार--288746
बसपा-सुरेश पासी--201196

इन सीटों पर ये है स्थिति

- फोटो : amar ujala
8. संत कबीर नगर
जीत का अंतर--97978
भाजपा-शरद त्रिपाठी--348892
बसपा-भीष्म शंकर--250914
सपा-भालचंद्र यादव--97978
 
9.सीतापुर
जीत का अंतर--51027
भाजपा-राजेश वर्मा--417546
बसपा-कैसर जहां--366519
सपा-भरत त्रिपाठी    --156170
 
10. मिश्रिख
जीत का अंतर--87363
भाजपा-अंजू बाला--412575
बसपा-अशोक कुमार रावत--325212
सपा-जय प्रकाश--194759

इन चार सीटों के ये हैं आंकड़े

- फोटो : amar ujala
11.  कैसरगंज
जीत का अंतर--78218
भाजपा-बृजभूषण शरण सिंह--381500
सपा-विनोद पंडित    --303282
बसपा-कृष्ण कुमार ओझा--146726
 
12. गाजीपुर
जीत का अंतर--32452
भाजपा-मनोज सिन्हा--306929
सपा-शिवकन्या कुशवाहा--274477
बसपा-कैलाश नाथ--241645
 
13. कुशीनगर
जीत का अंतर--85540
भाजपा-राजेश पांडेय--370051
कांग्रेस-आरपीएन सिंह--284511
बसपा-संगम मिश्रा--132881
सपा-राधेश्याम सिंह--111256
 
14. श्रावस्ती
जीत का अंतर--85913
भाजपा-दद्दन मिश्रा--345964
सपा-अतीक अहमद--260061
बसपा-लालजी वर्मा--194890

इन सीटों पर ये रहा हार-जीत का अंतर

बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
15 .लालगंज
जीत का अंतर--63086
भाजपा-नीलम सोनकर--324016
सपा-बेपई सरोज--260930
बसपा-डॉ. बलिराम--233971
 
16. बस्ती
जीत का अंतर--33562
भाजपा-हरीश द्विवेदी--357680
सपा-बृजकिशोर सिंह--324118
बसपा-राम प्रसाद चौधरी--283747
 
17. हरदोई
जीत का अंतर--81343
भाजपा-अंशुल वर्मा--360501
बसपा-शिव प्रसाद वर्मा--279158
सपा-ऊषा वर्मा--276543
 
18. डुमरियागंज
जीत का अंतर--103588
भाजपा-जगदंबिका पाल--298845
बसपा-मोहम्मद मुकीम--195257
सपा-माता प्रसाद पांडेय--174778
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बांदा व बहराइच में ये रहा पार्टियों का प्रदर्शन

- फोटो : अमर उजाला
19. बांदा
जीत का अंतर--115788
भाजपा-भैरों प्रसाद मिश्रा--342066
बसपा-आरके सिंह पटेल--226278
सपा-बाल कुमार पटेल--189730
 
20. बहराइच
जीत का अंतर--95645
भाजपा-सावित्री बाई फुले--432392
सपा-शब्बीर अहमद--336747
बसपा-विजय कुमार--96904
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