एनआरएचएम योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला कर हड़पी गई हजारों करोड़ की रकम की पड़ताल में जुटी ईडी अब पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा व पूर्व एमएलए आरपी जायसवाल की सीज की संपत्ति को कब्जे में लेने की कार्रवाई करने जा रही है।
इसके लिए ईडी केंद्रीय न्याय निर्णयन प्राधिकरण में मामले को रखेगी। प्राधिकरण का फैसला पक्ष में आने के बाद ईडी इन दोनों नेताओं की संपत्ति को औपचारिक तौर पर अपने कब्जे में ले लेगी।
यूं भी कहा जा सकता है कि सरकार आय से अधिक पाई गई संपत्ति को अपने कब्जे में ले लेगी।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए उन्हें की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ ही सारे विधिक पहलुओं पर जरूरी दस्तावेज भी दाखिल करने होंगे।
लखनऊ स्थित ईडी का क्षेत्रीय निदेशालय इस तैयारी में जुट गया है और कुछ ही दिनों में न्याय निर्णयन प्राधिकरण के समक्ष पूरा मामला रखा जाएगा।
ईडी के अधिकारियों का कहना है दस्तावेज व साक्ष्य पूरे होने की स्थिति में प्राधिकरण से अधिकतम एक माह में फैसला आने की संभावना है।
इस बीच, ईडी ने लखनऊ से लेकर देवरिया तक में जिन संपत्ति को सीज करने के लिए नोटिस चस्पा किया था, उन सभी संपत्तियों का अब तक हासिल ब्यौरे व उस संपत्ति के आय से अधिक वाली रकम से लिए जाने के साक्ष्यों को समेकित कर प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी शुरू कर रखी है।
ईडी के सूत्र बताते हैं ईडी मुख्यालय के उच्च अधिकारियों ने भी इस बारे में क्षेत्रीय निदेशालय के अधिकारियों को सतर्कता बरतने को कहा है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जिस संपत्ति को कब्जे में लेने की कवायद की जा रही है, उसमें लखनऊ, देवरिया, कानपुर, बांदा आदि की संपत्तियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस दौरान अगर कोई नई संपत्ति चिह्नित होती है और उसे भी सीज करने के लिए नोटिस चस्पा की जाती है तो उसकी भी जानकारी प्राधिकरण को दी जाएगी ताकि प्राधिकरण से उस पर निर्णय लिया जा सके।