कारगिल पर आपत्तिजनक भाषण के आधार पर निर्वाचन आयोग ने सपा के फायरब्रांड नेता आजम खां पर रैली व सभाएं करने पर पाबंदी लगा दी।
आयोग के फैसले पर भन्नाए खां साहब ने इसकी काट निकाल ही ली। अब मुलायम की सभाओं में आजम का विवादास्पद भाषण उनके करीबी सांसद मुनव्वर सलीम पढ़ते हैं और उसको जायज ठहराते हैं।
इतना ही नहीं अंदरखाने चर्चा है कि अगर आयोग ने इस हरकत पर भी प्रतिबंध लगाया तो उक्त भाषण को दूसरे तरीके से बांचा जाएगा।
उस पर भी आयोग ने नजरें टेढ़ी की तो एक अन्य रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
फिलहाल कोशिश आयोग से दो दो हाथ करने की है। देखना है कि अंत में कौन हथियार डालता है खां साहब या निर्वाचन आयोग।