एनआरएचएम घोटाले में आकंठ डूबे तत्कालीन बसपा सरकार
के मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही ईडी ने
अब उनके खास एक आईएएस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
ईडी का मानना है कि पूर्वमंत्री को सरकारी बजट की रकम हड़प करवा कर इसे अलग-अलग तरह से निवेश कराने में इस अधिकारी ने अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से ईडी ने अफसर की संपत्तियों को भी तलाशना शुरू कर दिया है।
हालांकि अभी तक ईडी को अधिकारी की संपत्तियों के बारे में कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है लेकिन ईडी ने उनके व उनके करीबियों के खातों की पड़ताल शुरू की हुई है।
इसी साथ ही उनके खातों में घोटाला अवधि व उसके बाद के कुछ वर्षों में हुई सभी लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए ईडी ने संबंधित बैंकों के शाखा प्रबंधकों से ब्यौरा जुटा लिया है।
इसी क्रम में ईडी ने एनआरएचएम घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई द्वारा पूर्व मंत्री, इस अधिकारी व इनके करीबियों के बारे में जो जानकारी जुटाई थी, उसका भी अध्ययन करना शुरू कर दिया है।
ईडी ने सीबीआई द्वारा दोनों के खिलाफ लगाई चार्जशीट का ब्यौरा भी हासिल किया है। सूत्रों का कहना है कि जहां पूर्व मंत्री की संपत्तियों की लखनऊ समेत अन्य जिलों में तलाश हो रही है।
वहीं इस अधिकारी की संपत्तियों की तलाश में उनके कुछ करीबियों पर भी नजर टिकाई गई है। इनमें दवा और साड़ी कारोबारी के साथ ही एनजीओ संचालक शामिल हैं।