आरोपियों में बसपा सरकार में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा, खनन विभाग के भूतपूर्व संयुक्त निदेशक व सलाहकार सुहैल अहमद फारूकी, निर्माण निगम के पूर्व एमडी सीपी सिंह व निर्माण निगम के 15 अन्य इंजीनियरों को नामजद किया गया है।
मालूम हो कि विजिलेंस ने लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर पत्थर की आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों, खनन विभाग और एलडीए के अधिकारियों व अन्य निजी लोगों को भी जांच के दायरे में रखा था।
बसपा सरकार के जिन तत्कालीन दो मंत्री इस घोटाले में आरोपी हैं उसमें से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को मायावती पार्टी से निकाल चुकी हैं और अब वह कांग्रेस में हैं। वहीं, बाबू सिंह कुशवाहा पहले भाजपा में गए और अब वह अपनी पार्टी के मुखिया हैं।