लखनऊ। कुड़ियाघाट पर बृहस्पतिवार को भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी। गोमती तट पर भक्ति और संस्कृति की मधुर गूंज के बीच ‘नवसंवत्सर महोत्सव’ में सूर्यार्घ्य अर्पित कर भारतीय नववर्ष 2083 का भव्य स्वागत किया गया। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर गंगा समग्र, गोमती दर्शन और नवसंवत्सर जन कल्याण न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कला और अध्यात्म का सुंदर संगम देखने को मिला।
शास्त्रीय गायन और कथक नृत्य की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। अभियान संरक्षक विजय दीक्षित की पुस्तक ‘राजनीति नहीं, सिर्फ राष्ट्रनीति’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में एमएलसी पवन सिंह चौहान, संदीप बंसल, संयोजक अनुराग पांडेय, प्रवीण त्रिपाठी, विजय कुमार दीक्षित, उदय भानु सिंह, संजय रस्तोगी, डॉ. पूनम श्रीवास्तव और श्वेता सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विभूतियों का सम्मान
भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने सम्मानित किया। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. सृष्टि माथुर को ‘कलासाधक सम्मान’ और प्रख्यात शास्त्रीय गायिका रश्मि चौधरी को ‘कलारत्न सम्मान’ प्रदान किया गया।
कुड़ियाघाट पर बृहस्पतिवार को भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी।
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