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बेनी पर चुनाव आयोग का शिकंजा, भेजा नोटिस

Sat, 26 Apr 2014 03:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा तथा भाजपा के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार को नोटिस भेजा है।
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बेनी पर भाजपा व नरेंद्र मोदी के खिलाफ तथा कटियार पर आजम खां और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए दंगे को लेकर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है।

आयोग को मिली रिपोर्ट के अनुसार 20 अप्रैल को कानपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह गोधरा कांड में जेल जाएंगे।

इतना ही नहीं, उन्होंने मोदी के बारे में कई अन्य आपत्तिजनक बातें भी कही।

मोदी को खूनी कहा

बेनी प्रसाद वर्मा ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को हत्यारा करार दिया था।

वह लखनऊ में गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, मोदी जब 18 साल के थे, तब एक खून करके घर से भाग गए थे।

जब मीडियाकर्मियों ने बेनी से इस बाबत सुबूत की मांग की तो बेनी ने कहा, मोदी कई साल से गुजरात के सीएम हैं और उन्होंने सारे सुबूत मिटा दिए होंगे।

इन्होने आजम पर दिया था बयान

विनय कटियार के खिलाफ आयोग को मिली शिकायत में कहा गया है कि 15 अप्रैल को संत कबीरनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुजफ्फरनगर में हुए दंगे के लिए आजम खां को जिम्मेदार ठहराया था।

उन्होंने कहा था कि प्रदेश सरकार व आजम खां ने दंगा रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा था कि मोदी प्रधानमंत्री बने तो आजम खां जेल जाएंगे।

चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं के बयानों को आपत्तिजनक, भड़काऊ तथा समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने वाला माना।

आयोग ने दोनों नेताओं को अलग-अलग नोटिस जारी कर उनके बयानों के बारे में  26 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक स्पष्टीकरण मांगा है।
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आजम और शाह लगी थी रोक

बेनी प्रसाद वर्मा के पहले चुनाव आयोग भाजपा के यूपी प्रभारी अमित शाह और समाजवादी पार्टी के कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।

आयोग ने दोनों की आपत्तिजनक टिप्पणियों पर संज्ञान लेते हुए चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था। शाह के माफी मांगने पर आयोग ने उन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया वहीं आजम ने माफी नहीं मांगी।

आजम का बयान था कि कारगिल युद्घ में जीत मुसलमान सैनिकों की वजह से मिली थी।

वहीं शाह ने मुलायम का नाम एक समुदाय से जोड़ते हुए कहा था कि केंद्र में भाजपा की सरकार आते ही यूपी में मुलायम की सरकार गिर जाएगी।
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