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‘डुप्लीकेट’ ट्रेनों से हजारों यात्रियों का सफर होगा सुहाना, इन गाड़ियों पर कम होगा लोड

Sat, 28 Dec 2019 02:03 PM IST
ishwar ashish नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
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वाराणसी से जम्मूतवी तक जाने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस में यात्रियों की बंपर भीड़ रहती है। - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू, दिल्ली व मुंबई जाने वाले यात्रियों को ‘डुप्लीकेट’ ट्रेनों से राहत मिलेगी। रेलवे प्रशासन पुष्पक, बेगमपुरा व लखनऊ मेल में यात्रियों की मांग को देखते हुए डुप्लीकेट ट्रेनों को पटरियों पर उतार सकता है। इससे 60 हजार से अधिक यात्रियों को हर माह राहत मिलेगी। इससे कन्फर्म सीटों के लिए मारामारी भी खत्म होगी।

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लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस और जम्मूतवी जाने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस में यात्रियों की बंपर भीड़ रहती है। कन्फर्म सीटों के लिए मारामारी होती है। पुष्पक व लखनऊ मेल में कन्फर्म टिकट दिलाने को दलालों के रैकेट भी सक्रिय हो जाते हैं।

ऐसे में यात्रियों मांग रहती है कि इन तीनों ट्रेन की डुप्लीकेट ट्रेनें चलाई जाएं। इसीलिए अब रेलवे प्रशासन डुप्लीकेट ट्रेनों के संचालन के लिए फिजिबिलिटी जांचने की तैयारी में है। हालांकि, इन गाड़ियों को पटरियों पर लाना आसान नहीं है। डीआरयूसीसी सदस्य एसएस उप्पल ने कहा कि पुष्पक एक्सप्रेस, लखनऊ मेल व बेगमपुरा एक्सप्रेस की डुप्लीकेट ट्रेन चल जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिल जाएगी

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100 की क्षमता, 200 करते हैं सफर

प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ मेल, पुष्पक व बेगमपुरा एक्सप्रेस में 100 यात्रियों की क्षमता वाली जनरल बोगियों में 150 से 200 यात्री बैठते हैं। इससे हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है। हाल ही में बेगमपुरा हादसे का शिकार होते बची थी।

पुष्पक में जनरल बोगियों के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम है, जिससे टोकन मिलते हैं और स्थिति यह होती है कि सभी यात्रियों को जनरल में जगह नहीं मिल पाती। इससे उन्हें अगले दिन के लिए पुष्पक का इंतजार करना पड़ता है। स्लीपर बोगियों में भी क्षमता से अधिक यात्री सफर करते हैं।

150 तक है इन ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी
इन ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी भी अच्छी-खासी है। इनकी डुप्लीकेट ट्रेनें चलाई जाती हैं तो  रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा। लखनऊ मेल की स्थिति यह है कि ऑक्यूपेंसी 150 तक पहुंच जाती है। इसका मतलब यह है कि ट्रेन की कुल सीटें देखते ही देखते भर जाती हैं और उस पर लंबी वेटिंग भी शुरू हो जाती है। इसी तरह पुष्पक एक्सप्रेस की ऑक्यूपेंसी 140 तो बेगमपुरा एक्सप्रेस की ऑक्यूपेंसी 120 के करीब रहती है।

60 बोगियों के बूते पटरियों पर उतरेंगी

प्रतीकात्मक तस्वीर
बेगमपुरा, लखनऊ मेल और पुष्पक एक्सप्रेस की डुप्लीकेट ट्रेन चलाने के लिए रेलवे प्रशासन को कई बिंदुओं पर मंथन करना पड़ेगा। इसमें ट्रेनों की टाइमिंग प्रमुख है। यह टाइमिंग ऐसी होगी, जब यात्रियों की संख्या अधिक हो।

वहीं रूट पर भी मंथन करना होगा। तीनों ट्रेनों के लिए कम से कम 60 बोगियों की जरूरत है। इसमें जनरल, स्लीपर, थर्ड, सेकेंड व फर्स्ट एसी बोगियां शामिल हैं। लखनऊ मेल में 22, पुष्पक में 24 और बेगमपुरा में 20-22 बोगियां लगती हैं।
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450 तक पहुंच जाती है वेटिंग

लखनऊ से जम्मू, दिल्ली व मुंबई जाने वाले यात्रियों की पसंदीदा ट्रेनों में बेगमपुरा, लखनऊ मेल व पुष्पक एक्सप्रेस शामिल हैं। इनमें आम दिनों में वेटिंग जहां 150 तक  पहुंच जाती है, वहीं त्यौहार पर वेटिंग 450 पार कर जाती है। लखनऊ से दिल्ली के लिए शताब्दी, तेजस व डबलडेकर में कन्फर्म टिकट मिलना आसान है, लेकिन लखनऊ मेल में लंबी वेटिंग से यात्रियों को जूझना पड़ता है। यही हाल पुष्पक का भी रहता है।

ये हैं ट्रेनें
लखनऊ मेल लखनऊ जंक्शन से दिल्ली के लिए रात 10 बजे चलती है। इस वीआईपी ट्रेन में 22 बोगियां हैं और रैक एलएचबी है। वहीं बेगमपुरा एक्सप्रेस वाराणसी से जम्मूतवी के लिए चलती है और चारबाग से शाम छह के करीब रवाना होती है। इसमें 22 बोगियां हैं। पुष्पक एक्सप्रेस लखनऊ जंक्शन से मुंबई के लिए रात पौने आठ बजे रवाना होती है।

योजना पर हो रहा मंथन
पहले एक योजना थी, जिसमें क्लोन ट्रेनें चलाई जाती थी। मूल ट्रेन के इर्दगिर्द दूसरी ट्रेन चलाकर यात्रियों को राहत दी जाती थी। लखनऊ मेल, बेगमपुरा एक्सप्रेस की डुप्लीकेट ट्रेन चलाने के लिए फिजिबिलिटी जांचनी होगी। यात्रियों की मांग पर इस पर मंथन हो रहा है। - संजय त्रिपाठी, डीआरएम, उत्तर रेलवे
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