इससे पहले पीपीपी मॉडल पर स्टार, एचएलएल, केडीपीएल कंपनी को सीटी स्कैन मशीन लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। एचएलएल को 40, केडीपीएल को 11 व स्टार को 10 अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन लगाने हैं। इनमें से 47 जिलों के अस्पतालों में सीटी स्कैन का संचालन शुरू हो चुका है।
वहीं बाराबंकी, अयोध्या, ललितपुर, कन्नौज, इटावा, जौनपुर, बुलंदशहर, सुल्तानपुर, वाराणसी, प्रयागराज व महाराजगंज के जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए एटॉमिक एईआरबी की अनुमति मांगी गई थी। इसके लिए अक्तूबर 2019 अंतिम तिथि तय की गई थी, लेकिन कई जिलों को एईआरबी की हरी झंडी नहीं मिल पाने से मशीनों की स्थापना नहीं हो पाई है। इसके अलावा संभल, गौतमबुद्धनगर, शामली के जिला अस्पतालों में स्थापना का प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया था।
संभल की मशीन सिविल अस्पताल, लखनऊ में लगाई गई है। शामली की मशीन को मुजफ्फरनगर में लगाया गया है। एनएचएम के महाप्रबंधक प्रीक्योरमेंट विवेक द्विवेदी का कहना है कि शेष बचे जिला अस्पतालों के लिए अगले वित्तीय वर्ष में सीटी स्कैन लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। पहले से प्रस्तावित ऐसे अस्पताल जहां मशीन नहीं लगी है, वहां जल्द प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।