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UP News: हत्या के बाद लाश के टुकड़े कर खा जाता था... खूंखार हत्यारे राजा कलंदर और उसके साथी को उम्रकैद की सजा

Fri, 23 May 2025 10:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में कोर्ट ने खूंखार हत्यारे राजा कलंदर और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जांच में सामने आया कि राजा कलंदर हत्या के बाद लाश के टुकड़े कर मांस खा जाता था। आगे पढ़ें और जानें पूरी घटना...
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सफेद कुर्ते में राजा कलंदर, साथ में उसका साथी बच्छराज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में नृशंस हत्याओं के दोषी राम निरंजन उर्फ राजा कलंदर और उसके साले बच्छराज को एडीजे अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। हालांकि अदालत ने आरोपियों को सजा सुनाते हुए यह माना कि ये घटना दुर्लभतम से दुर्लभ नहीं है।

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एडीजे रोहित सिंह ने 25 साल पुराने एक डबल मर्डर के मामले में यह फैसला सुनाया है। अदालत में सरकारी अधिवक्ता एमके सिंह ने दोनों अपराधियों को अधिकतम सजा मृत्युदंड से दंडित करने की मांग की। अदालत में दाखिल पत्रावली के अनुसार रायबरेली के रहने वाले मनोज सिंह (22) और उनकी गाड़ी के चालक रवि श्रीवास्तव की साल 2000 में अपहरण के बाद नृशंस हत्या कर दी गई थी। 

शव के टुकड़े कर उसका मांस खा जाता था

इस मामले में राजा कलंदर और बच्छराज को चार दिन पहले अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके अलावा दोनों दोषियों को प्रयागराज के पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में 2012 में उम्रकैद की सजा उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सुनाई थी। राजा कलंदर ने 14 से अधिक हत्या की बात कबूल की थी। जांच में सामने आया कि वह हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उसका मांस खा जाता था।

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प्रायगराज के नैनी के शंकरगढ़ स्थित हिनौता गांव का रहने वाला राजा कलंदर को पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के बाद साल 2000 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों दोषियों को डकैती के दौरान हत्या करने के लिए आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साक्ष्य छिपाने के लिए सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। 

सजा पाए दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी

साथ ही अपहरण के लिए 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना, डकैती या चोरी की संपत्ति को रखने के लिए 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया कि सजा पाए दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। हालांकि आरोपियों को पूरा जुर्माना जमा करना होगा। अदालत ने दोषियों को अधिकतम सजा आजीवन कारावास की सुनाई है, लिहाजा दोनों आरोपियों को उनके अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा।

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