प्रेमलता मिश्रा उनके केबिन में पहुंची और अपना परिचय दिया। डॉ. टिक्कू के मुताबिक, उनके सामने भला कैसे बैठा रहता। उन्होंने टीचर को अपनी कुर्सी पर बैठाया। करीब एक घंटे तक वे साथ बैठे रहे। डॉ. टिक्कू ने उन्हें अपने साथी चिकित्सकों से भी मिलवाया, पूरा वाकया बताया।
आज लगा कि डॉक्टर बनना सफल हो गया
डॉ. टिक्कू बोले, आज उनके दांतों का इलाज करने के बाद लगा कि मेरा डॉक्टर बनना सफल हो गया। इस पूरे वाकये को उन्होंने सोशल मीडिया पर साथियों से साथ साझा किया है।