अब लखनऊ में भी कोरोना के मरीजों में दोहरे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। केजीएमयू में बीते दिनों भर्ती किया गया कोविड मरीज मलेरिया से भी पीड़ित है। आमतौर पर मरीज पर दो वायरस का हमला एक साथ नहीं होता है। मामला सामने आने पर चिकित्साकर्मी भी सचेत हो गए हैं। इसे विदेश में दोहरे संक्रमण के मामले फ्लोरोना से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि अस्पताल में भर्ती कोरोना के दो मरीजों में से एक मलेरिया से भी पीड़ित है। आमतौर पर दोहरे संक्रमण का खतरा नहीं होता है। इससे पहले अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों में डेंगू मिला था, लेकिन मलेरिया पीड़ित मरीज का यह पहला मामला है। दोनों बीमारियों की वजह से उसे भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। मौजूदा समय में आने वाले कोविड-19 के मामलों में मरीज को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
फ्लोरोना को जानें
इजराइल में कोविड संक्रमित महिला इंफ्लूएंजा से भी ग्रसित मिली थी। इस वजह से उसे फ्लोरोना संक्रमित माना गया। विशेषज्ञों के अनुसार दो वायरस से एक साथ संक्रमित होने पर मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। इसी वजह से कोविड के साथ अन्य वायरस से संक्रमित होने वालों पर नजर रखी जा रही है।