क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव में वोट डालने वालों को अपनी पहचान का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। चुनाव में फर्जी मतदान रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने यह व्यवस्था की है।
आयोग ने पहचान के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट तथा पैन कार्ड समेत 17 दस्तावेज मान्य किए हैं।
पहचान के लिए आयोग ने जिन दस्तावेजों को मान्य किया है उनमें चुनाव आयोग का फोटो आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, सार्वजनिक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक या पोस्ट आफिस की फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त किसान बही, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, फोटोयुक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र, फोटोयुक्त शस्त्र लाइसेंस, फोटोयुक्त संपत्ति संबंधी दस्तावेज, फोटोयुक्त शस्त्र लाइसेंस, फोटोयुक्त निशक्तता प्रमाणपत्र, मनरेगा के तहत जारी फोटोयुक्त जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र तथा राशन कार्ड शामिल हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन दस्तावेजों में जो परिवार के मुखिया के पास ही उपलब्ध होते हैं, वे उस परिवार के दूसरे सदस्यों की पहचान के लिए भी वैध माने जाएंगे बशर्ते की सभी सदस्य एक साथ आते हैं और उन सदस्यों की पहचान परिवार के मुखिया द्वारा की जाती है।