भारतीय सेना में नेपालियों को भर्ती कराने वाले जालसाजों की पहुंच सेना के रिकॉर्ड रूम तक थी। क्योंकि एसटीएफ द्वारा पकड़े गए एक जालसाज ने पूर्व सैनिकों की डिस्चार्ज बुक के कोड रुपये लेकर बताने की बात कबूली है।
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माना जा रहा है कि मामले में सेना के अधिकारियों की भी मिलीभगत है, इसलिए मिलिट्री इंटेलीजेंस इस बिंदु पर भी जांच-पड़ताल करेगी।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा बुधवार को छावनी में की गई छापेमारी के दौरान एमबी क्लब में काम करने वाले संदीप थापा, नेपाल मिलिट्री इंटेलीजेंस के बर्खास्त कर्मचारी प्रकाश थापा, माया कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर के संचालक अनिल श्रीवास्तव और निलमथा निवासी मिलन थापा को गिरफ्तार किया था।
यह सात से दस लाख रुपये लेकर नेपाली नागरिकों को भारतीय सेना में भर्ती करवाते थे। एसटीएफ ने उनके पास से फर्जी मार्कशीट, सेना की डिस्चार्ज बुक, मुहर वगैरह भी बरामद की थीं। इतना ही नहीं गिरफ्तार शातिरों में से एक 50 हजार रुपये लेकर पूर्व सैनिकों की डिस्चार्ज बुक के कोड बताता था।
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दलालों की पहुंच सेना के रिकॉर्ड रूम व अफसरों तक
बरामद हुए कागजात
- फोटो : amar ujala
मामले को मिलिट्री इंटेलीजेंस भी गंभीरता से ले रही है। सवाल यह है कि डिस्चार्ज बुक पूर्व सैनिकों के पास होती है और इसका पूरा ब्यौरा सेना के रिकॉर्ड रूम में रहता है। इसलिए माना जा रहा है कि दलालों की पहुंच सेना के रिकॉर्ड रूम व आला अधिकारियों तक है, जहां से डिस्चार्ज बुकों की डिटेल दलालों ने जुटाई और उसका इस्तेमाल नेपालियों को सेना में भर्ती कराने के दौरान किया जा रहा था।
अतीत का लेखा-जोखा है डिस्चार्ज बुक
सेना के एक आला अधिकारी बताते हैं कि जब कोई सैन्यकर्मी रिटायर होता है तो उसे डिस्चार्ज बुक दी जाती है। इसमें सैनिक की पर्सनल डिटेल से लेकर उसकी जॉइनिंग और कहां-कहां पोस्टिंग हुई है, रिटायरमेंट या निकाले जाने की वजह वगैरह की जानकारी होती है। यह पॉकेटनुमा बुक होती है।
इतना ही नहीं सैनिक की फैमिली डिटेल, उसकी पेंशन, हॉस्पिटल में मिलने वाली सुविधाओं की तमाम जानकारियां भी इसमें रहती हैं। इस बुक पर सेना के रिकॉर्ड ऑफिस से एक कोड दिया जाता है, जिसके इस्तेमाल से उसे व उसके परिवारीजनों को मेडिकल व अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
रिकॉर्ड रूम अफसरों व परिवारीजनों की घेराबंदी!
जालसाजों के पास से बरामद हुईं फेक आईडी
- फोटो : amar ujala
सैन्यकर्मी बताते हैं कि डिस्चार्ज बुक का कोड रिटायर हुए सैनिक व सेना के रिकॉर्ड ऑफिस के पास होता है। चूंकि, पूर्व सैनिकों के बेटे, पत्नी व अन्य सगे संबंधियों को भी इसकी जानकारी होती है। इसलिए परिजनों द्वारा भी कोड दलालों से शेयर करने की भी आशंकाएं जताई जा रही हैं।
हालांकि, माना जा रहा है कि मिलिट्री इंटेलीजेंस सेना के रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों व अधिकारियों की भी घेराबंदी करेगी। चूंकि, सिर्फ डिस्चार्ज बुक के कोड से दलाल पूर्व सैनिक के बारे में सारी जानकारियां नहीं जुटा सकता। इसके लिए रिकॉर्ड रूम की मिलीभगत भी हो सकती है।
यूनिक आईडी नंबर है सॉल्यूशन
अधिकारी ने बताया कि डिस्चार्ज बुक का कॉन्सेप्ट पुराना हो गया है। चूंकि, जिन पूर्व सैनिकों को डिस्चार्ज बुक दी जा चुकी है, उनके पास ही डिस्चार्ज बुक है। इसके अतिरिक्त अब जो सैन्यकर्मी रिटायर हो रहे उन्हें यूनिक आईडी नंबर दिया जाता है, जिसमें उसकी पूरी डिटेल रहती है। सुविधाओं का लाभ उठाने पर उसे यह नंबर अस्पताल वगैरह में बताना पड़ता है। इससे धांधलियों पर भी रोक लगेगी।
इस मध्य कमान की पीआरओ गार्गी मलिक का कहना है, ‘स्पेशल टास्क फोर्स ने नेपालियों को सेना में भर्ती कराने वाले जिस गिरोह को गिरफ्तार किया है, उस मामले की कोई भी जानकारी नहीं है।’
समीर और मजहर की तलाश में छापे
सेना में नेपालियों की भर्ती के लिए फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले कलेक्ट्रेट के कर्मचारी समीर सिंह, मजहर और पिंटू की तलाश में शुक्रवार को एसटीएफ की टीम ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। दोपहर को एसटीएफ ने कलेक्ट्रेट में भी फर्जीवाड़ा करने वालों के तार खंगाले।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि समीर के उन्नाव के हरौनी स्थित घर के अलावा लखनऊ में कई रिश्तेदारों के घर पर छापे मारे गए। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर जानकारी की जा रही है। एसटीएफ ने जल्द समीर के पकड़े जाने की उम्मीद जताई है।
इसके अलावा मजहर और पिंटू के अलावा पांच अन्य कर्मचारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका।
गौरतलब है कि समीर सिंह फर्जी दस्तावेज बनाकर सेना में नेपालियों की भर्ती कराने वाले मास्टरमाइंड प्रकाश थापा का खास आदमी है। उसके पकड़े जाने के बाद थापा के नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण राज सामने आने की उम्मीद है।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि प्रकाश थापा 26 नवंबर को लखनऊ आने वाला था। यहां उसे कई नेपालियों की भर्ती का काम करना था। एसटीएफ ने उसके लिए घेराबंदी कर रखी है। हालांकि, गैंग का भंडाफोड़ होने के बाद उसके आने की संभावना न के बराबर है।
डिस्चार्ज बुक के कोड लीक करने वाले हवलदार पर नजर
नेपालियों को एक्स सर्विस मैन बनाने के लिए एक्स सर्विस मैन की डिस्चार्ज बुक के कोड लीक करने वाले जीआरसी के हवलदार पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू हो गई है।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि हवलदार के बारे में तहकीकात के लिए सैन्य अधिकारियों को जल्द पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा सेना में भर्ती नेपालियों की छानबीन के लिए भारतीय सेना और गृह विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखने पर भी विचार हो रहा है।
मिलन के पास मिले नेपाली सिमकार्ड खंगाल रही एसटीएफ
एसटीएफ की एक टीम बुधवार रात पकड़े गए मिलन थापा के पास से मिले नेपाली सिमकार्ड की कॉल डिटेल खंगाल रही है। एसटीएफ का मानना है कि मिलन थापा गिरोह के मास्टरमाइंड प्रकाश थापा का करीबी था। दोनों के बीच अक्सर बातचीत होती थी। मिलन के नेपाली सिमकार्ड से कई राज सामने आ सकते हैं।