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Lucknow News: पीजीआई में बच्चे की कटी उंगलियां जोड़ीं

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नोट फोटो है -
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- चारा मशीन में फंसकर गई थीं दो उंगलियां, सात घंटे चली जटिल सर्जरी
लखनऊ। पीजीआई के डॉक्टरों ने बच्चे के हाथ की कटकर अलग हुई उंगलियों को सर्जरी कर दोबारा जोड़ दिया। यह सर्जरी करने में डॉक्टरों को करीब सात घंटे लग गए। डॉक्टरों का कहना है कि माइक्रोवास्कुलर सर्जरी विधि से दोनों उंगलियों का ऑपरेशन हुआ। सर्जरी के बाद बच्चे की दोनों उंगलियों में खून का संचार बराबर हो रहा है।
सुल्तानपुर के मुरजाम नगर निवासी श्लोक यादव (9 ) बुधवार को चारा काटने वाली मशीन की ब्लेड के साथ खेल रहा था। तभी मशीन का चक्का घूम गया। इससे श्लोक के दाहिने हाथ की अंगूठे के बगल की दोनों उंगली का नाखून वाला पूरा हिस्सा कटकर अलग हो गया। परिजन पहले कटी हुई उंगली लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने पीजीआई रेफर किया। परिजन कटी हुई उंगली सुरक्षित रखकर पीजीआई एपेक्स ट्रॉमा सेंटर आए। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव अग्रवाल ने सर्जरी का फैसला लिया। डॉक्टरों ने पहले कटी उंगली के के-वॉयर को जोड़ा, उसके बाद धमनी, वेन और नर्व को जोड़ा गया। आखिर में त्वचा को जोड़ा। इस ऑपरेशन में सात घंटे का समय लगा।
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जटिल होती है यह सर्जरी

डाॅ. राजीव अग्रवाल ने बताया उंगली प्रत्यारोपण में अत्यंत सूक्ष्म एवं पतली धमनियों को माइक्रोवास्कुलर तकनीक से जोड़ा जाता है। यह सर्जरी जटिल होती है। इन धमनियों काे जोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। प्रत्यारोपण एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें 8-12 घंटे लग सकते हैं।


कटे अंगों को ऐसे रखें सुरक्षित
कटे हुए अंग को साफ पॉलिथीन में रखना चाहिए। इसे बर्फ रखी एक अन्य पॉलिथीन में रखना चाहिए। ताकि कटा हुआ अंग ठंडा रहे। इसके बाद जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचें। जहां पर इसका इलाज संभव है।
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ये थे ऑपरेशन टीम में
डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. भारती, डॉ. निखिलेश, डॉ. आरती अग्रवाल, डॉ. सुमित के अलावा डॉ. भूपेश, डॉ. गौतम, डॉ. दिव्या व डॉ. नुपूर और नर्स प्रतिभा व अमृता टीम में शामिल रहीं।
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