डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि जिस वक्त बच्चा गिरा, उस वक्त वहां संविदा बिजलीकर्मी पंकज परमार काम कर रहा था। परिवारीजन नहीं थे। बिजलीकर्मी ने कटर से सरिया काटा और बाइक से बालक को गोद में लेकर ट्रॉमा पहुंचा था। करीब घंटे भर बाद परिवारीजन भी पहुुंचे।
बिजलीकर्मी की बहादुरी से बच्चे की जान बची। सरिया निकालने में देर हुई होती या उसे काटने के बजाय बालक को खींच कर निकाला गया होता तो जान जा सकती थी। ट्रॉमा सर्जरी विभाग बिजली कर्मी को सम्मानित करेगा।
प्रो. संदीप तिवारी ने बताया कि अभिभावक खुली छत पर बच्चों को खेलने न दें। खेलते वक्त अक्सर गेंद सड़क पर जाती है और बच्चा लेने जाता है, इससे भी दुर्घटना होती है। इसलिए बच्चों को खेलने के लिए पार्क में ले जाएं। सड़क पर वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करें। हेलमेट की क्लैंप बांध कर रखें। वाहनों के बीच दूरी बनाए रखें।