लखनऊ में ओपीडी के बाहर रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया।
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कोलकाता में महिला प्रशिक्षु डॉक्टर की दुष्कर्म व हत्या के मामले में देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को राजधानी लखनऊ में केजीएमयू सहित पीजीआई, लोहिया अस्पताल और बलरामपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने हड़ताल कर कार्य बहिष्कार किया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों को काम करने के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाया जाए। एक प्रशिक्षु डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या एक शर्मनाक कृत्य है। हमें न्याय चाहिए। प्रदर्शनकारी एक डॉक्टर ने कहा कि पूरे देश में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान तक नहीं दिया है। उन्हें बयान देकर हस्तक्षेप करना चाहिए।
डॉक्टरों के प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं हैं और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान मरीज और उनके परिजन परेशान नजर आए। वहीं, पर्चे न बनने से बलरामपुर अस्पताल में भी काउंटरों पर भीड़ लगी रही। यही हाल लोहिया अस्पताल का रहा। यहां पर भी डॉक्टरों के प्रदर्शन के कारण ओपीडी बंद रहा।
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वरिष्ठ डॉक्टरों ने अस्पतालों में लोगों को काउंटर खाली करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अति गंभीर मामलों को इमरजेंसी में देखा जा रहा है। उन्होंने न्याय की मांग की है।
झांसी: जूनियर डॉक्टर का विरोध प्रदर्शन जारी
मंगलवार को रानी बाई रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरो ने विरोध प्रदर्शन किया। ओपीडी के बाहर काफी देर तक नारेबाजी की। प्राचार्य ने काली पट्टी बांधी। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ नीरज शर्मा के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टर ने गेट नंबर 1 से लेकर गेट नंबर 2 तक विरोध प्रदर्शन किया। प्राचार्य पहुंचकर न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की। ओपीडी में जाकर नारेबाजी और प्रदर्शन जारी हैं।