लखनऊ। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला बदहाली का शिकार है। हर रविवार लगने वाले इस मेले में मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर तो दूर, सामान्य सुविधाएं और जांच तक मयस्सर नहीं हो पा रही हैं। पड़ताल में सामने आया है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में दूसरी विधा के लोग मरीजों का परामर्श दे रहे हैं।
स्थान : माल पीएचसी पकरा बाजार गांव
समय : दोपहर 12:30 बजे
यहां स्वास्थ्य व्यवस्था वार्ड बॉय के भरोसे दिखी। मेले से डॉक्टर नदारद थे और दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट भी मौजूद नहीं मिले। स्थिति यह थी कि वार्ड बॉय ही मरीजों से बीमारी पूछकर उन्हें दवा दे रहा था। पूछताछ पर पता चला कि डॉक्टर निशांत इमरजेंसी ड्यूटी के लिए निकल गए थे। लैब टेक्नीशियन तो थे, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को जांच के लिए 8 किमी दूर सीएचसी भेजा जा रहा था।
स्थान : बहरौली पीएचसी, नगराम
समय : दोपहर 1:00 बजे
यहां डॉक्टर हरिप्रीत कौर और फार्मासिस्ट तो मौजूद थे, लेकिन सुनसान इलाके में केंद्र होने के कारण मरीज ही गायब थे। यहां की सबसे बड़ी समस्या लैब टेक्नीशियन का न होना है। खून की सामान्य जांच तक न होने के कारण मरीजों को गोसाईंगंज सीएचसी रेफर करने की मजबूरी बनी हुई है।
स्थान : त्रिवेणीनगर पीएचसी
समय : दोपहर 2:00 बजे
यहां आटो एनालाइजर लगा होने से खून की सीबीसी समेत अन्य जांच की सुविधा तो मिली, लेकिन डॉक्टर गायब थे। स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी किसी अन्य कैंप में लगा दी गई है। ऐसे में मरीजों को केवल नर्स और लैब टेक्नीशियन के भरोसे छोड़ दिया गया।
माल सीएचसी का हाल।