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लापरवाहीः कोरोना जांच रिपोर्ट आए बगैर पोस्टमार्टम, पॉजिटिव आने पर हड़कंप

Thu, 14 May 2020 06:30 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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महाराष्ट्र से आ रहे अयोध्या के 42 वर्षीय श्रमिक की मंगलवार रात विशेष ट्रेन में मौत के मामले में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
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अफसरों ने नियम दरकिनार कर कोरोना जांच रिपोर्ट आए बगैर आधी रात को शव का पोस्टमार्टम करा दिया। डॉक्टरों व स्टाफ ने रिपोर्ट के इंतजार की बात कही, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई और पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौंप दिया गया।

वहीं, बुधवार दोपहर पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई तो अफसरों के होश उड़ गए। सीएमओ का कहना है कि सिविल अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस के स्टाफ को क्वारंटीन करा दिया गया है। अगले आदेश तक पोस्टमार्टम हाउस बंद रहेगा।
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मंगलवार रात ट्रेन चारबाग  पहुंची तो जीआरपी ने शव मर्च्युरी भेजा। पोस्टमार्टम हाउस के सूत्रों का कहना है कि डीएम व सीएमओ ने रात को पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए।

दो घंटे भी न कर सके इंतजार

इसके लिए सिविल के दो डॉक्टर व तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इन्होंने पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट आने की बात कही, लेकिन अधिकारी नहीं माने। बुधवार दोपहर रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है श्रमिक के कोच में सवार लोगों की सूची मांगी गई है।

केजीएमयू की पैथोलॉजी में दो घंटे में कोरोना की जांच रिपोर्ट आ जाती है। इसके बाद भी अफसरों ने बिना रिपोर्ट का इंतजार किए देर रात शव का पोस्टमार्टम करवा दिया।

रिपोर्ट के बाद 23 शवों का पोस्टमार्टम
पोस्टमार्टम हाउस में शव के कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि के बाद बुधवार को 23 शवों के पोस्टमार्टम हुए, जिसमें कुछ सीतापुर और बाराबंकी के भी थे। इन सभी शवों को ले जाने वाले परिजन और उनके क्रियाकर्म में शामिल लोगों में भी संक्रमण की आशंका पैदा हो गई है। वहीं, बिना किसी एहतियात के ही शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इनके भी संक्रमित होने की आशंका प्रबल हो गई है।

पोस्टमार्टम हाउस बंद रहा तो कहां रखे जाएंगे शव

ट्रेन से पोस्टमार्टम हाउस तक कितने संपर्क में आए, पता लगाना कठिन
महाराष्ट्र से आ रहे श्रमिक की ट्रेन में मौत और उसके शव के पोस्टमार्टम तक कितने लोग संपर्क में आए, इसका अनुमान लगाना संभव नजर नहीं आ रहा। ट्रेन में श्रमिक के साथ जितने लोग थे, वे संक्रमित हुए होंगे तो घर, बाहर संक्रमण फैला रहे होंगे।

शव उठाने वाले जीआरपी कर्मचारी, जिस वाहन में शव लाया गया उसके चालक-परिचालक, मर्च्युरी में शव के संपर्क में आने वाले डॉक्टर-कर्मचारी, शव ले जाने वाले मृतक के करीबियों से लेकर लंबी श्रृंखला बन रही है। 

पोस्टमार्टम हाउस बंद कर दिया गया है। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया कि रोज आने वाले शवों को कहां रखा जाएगा। बीते पांच-छह दिन से पोस्टमार्टम हाउस में रोजाना 20 से 25 शव आ रहे हैं। 

- कई दिन से भूखा-प्यासा था श्रमिक, खाली मिला पेट: ट्रेन में मृत मिला श्रमिका भूखा और प्यासा था। पोस्टमार्टम में उसका पेट खाली मिला। पेट में पानी तक नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक श्रमिक की मौत सोमवार दोपहर किसी वक्त हुई होगी।
- सिर्फ मास्क लगाए थे ड्राइवर, गार्ड:  पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर पीपीई किट पहने थे। हालांकि, शव ले जाने वाले ड्राइवर व गार्ड सिर्फ मास्क लगाए थे। 
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जीआरपी व सीएमओ से मांगी गई रिपोर्ट

प्रोटोकॉल का पालन किया
रात में एक पोस्टमार्टम हुआ था। ऐसा करने वाले डॉक्टर ने पीपीई किट समेत कोरोना प्रोटोकाल को फॉलोअप किया था। किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ

जीआरपी व सीएमओ से मांगी गई रिपोर्ट
शव का सीएमओ कार्यालय के निर्देश पर पोस्टमार्टम किया गया था। रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस संबंध में जीआरपी व सीएमओ से लिखित रिपोर्ट मांगने के साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सभी जरूरी कार्रवाई को भी निर्देशित किया गया है। साथ ही कार्यरत डॉक्टर कर्मचारी व अन्य लोगों को क्वारंटीन में रखने को भी कहा गया है। - अभिषेक प्रकाश, डीएम
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