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Lucknow News: भारतेंदु नाट्य अकादमी में डॉक्टर, वकील व वैज्ञानिक भी सीख रहे अभिनय

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अभिषेक सहज, लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी में मंगलवार से 45 दिवसीय प्रस्तुतिपरक ग्रीष्मकालीन युवा नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत हो गई। पहले दिन ही 47 युवा कक्षा में पहुंचे। खास बात यह है कि इन युवाओं में वकील, डॉक्टर और वैज्ञानिक तक शामिल हैं जो अभिनय की बारीकियां सीखना चाहते हैं।
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कार्यशाला के निर्देशक प्रिवेंद्र सिंह ने बताया कि पहले तय किया गया था कि कार्यशाला में 30 प्रशिक्षणार्थियों को शामिल किया जाएगा, लेकिन पहले दिन ही संख्या 47 पहुंच जाने के बाद दो बैच बनाने का विचार किया जा रहा है। कार्यशाला के पहले दिन सभी प्रशिक्षणार्थियों से परिचय प्राप्त कर उनसे किसी भी विषय पर अभिनय करने के साथ ही गीत या कविता सुनाने को कहा गया। कार्यशाला में मुंबई और बंगलूरू के अलावा गोरखपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बहराइच, मिर्जापुर समेत प्रदेश के दूरदराज इलाकों से युवा पहुंचे हैं।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ अपने-अपने क्षेत्र की कलात्मक बारीकियों से विद्यार्थियों को रूबरू करवाएंगे। इन विशेषज्ञों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित डॉली आहलूवालिया, बीएनए के निदेशक बिपिन कुमार, असम की नृत्य संरचनाकार शिल्पिका वारदोलोई, चंडीगढ़ से नाट्य निर्देशक तजिंदर गिल, एनएसडी से अरुण मलिक, सिक्किम से रूपा सापकोटा, बीएनए से शुभदीप राहा व डॉ. सुमित श्रीवास्तव शामिल रहेंगे।
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अभिनय की ललक यहां तक खींच लाई

- कई वेब सीरीज में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके अमित सागर मुंबई से आए हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के कोर्स वहां महंगे हैं। बीएनए जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में बहुत कम फीस पर अभिनय की बारीकियां सीखने को मिलेंगी, यही सोचकर यहां प्रवेश लिया।

- बंगलूरू की एक कंपनी में कंटेंट राइटर आंचल सचदेवा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था। उम्मीद है कि बीएनए की कार्यशाला में काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
- पेशे से डेंटल सर्जन बाराबंकी निवासी डॉ. शशांक शेखर मिश्रा ने बताया कि अभिनय हमेशा से मेरा पैशन रहा है। यहां आकर बड़े-बड़े लोगों से बारीकियां सीखने को मिलेंगी।

- लखीमपुर खीरी निवासी विजय राठौर का चयन जल शक्ति मंत्रालय में वैज्ञानिक पद पर हुआ है। उन्हें भी अभिनय का शौक यहां तक खींचकर ले आया।
- वकालत करने वाले शिवम पांडेय लखनऊ के ही निवासी हैं, लेकिन अभिनय के प्रति लगाव बचपन से ही रहा। बोले, वे अपने इस शौक को फिर से जीना चाहते हैं।

- कई लघु फिल्मों और वेब सीरीज में कोरियोग्राफी कर चुके अंकुर मिश्रा ने कहा कि वे अभिनय भी सीखना चाहते हैं, ताकि वे आगे इस क्षेत्र में भी हाथ आजमा सकें।
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