विवेक ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि उसे न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह कर लेगा। मरीज की इस शिकायत पर शासन उप सचिव कुलदीप कुमार रस्तोगी ने आठ जनवरी को केजीएमयू कुलसचिव को पत्र भेजा है।
इसमें कहा है कि चिकित्सक और उनकी टीम की ओर से मरीज के साथ बदसलूकी किए जाने के मामले की जांच कराएं। साथ ही कार्रवाई से अवगत कराएं। उप सचिव के निर्देश पर केजीएमयू प्रशासन ने प्रो. अजय सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टर से ले लिया गया है जवाब
मामले पर केजीएमयू के मीडिया प्रभारी प्रो. संतोष कुमार का कहना है कि शासन उपसचिव के पत्र का जवाब कुलसचिव की ओर से दिया जा रहा है। चिकित्सक से भी जवाब ले लिया गया है। अभद्रता या गाली गलौज जैसी बात नहीं है। सभी का इलाज किया जाता है। मरीज की स्थिति ऑपरेशन करने लायक नहीं रही होगी, इसलिए आपरेशन नहीं किया गया।
पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमा के प्रो. अजय सिंह ने कहा कि मरीज ने हमारे नाम से गलत शिकायत की है। उसके सभी आरोप निराधार हैं। उसका इलाज हमारी टीम के चिकित्सक ने किया था।
एनेस्थीसिया टीम की रिपोर्ट में मरीज की स्थिति ऑपरेशन करने लायक नहीं थी। इस वजह से ऑपरेशन नहीं किया गया। बिना एनेस्थेटिस्ट की सहमति के कोई भी ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। केजीएमयू प्रशासन को जवाब भेज दिया गया है। मरीज जिस पैसे की बात कर रहा है, उससे सर्जिकल सामग्री मंगाई गई थी।