बच्चों को लगातार बुखार आए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इलाज के बाद भी बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें। गर्दन, जांघ में बगल में गांठ होने पर डॉक्टर को बताएं। चिकित्सक की सलाह पर खून संबंधी दूसरी जांच कराएं। खासतौर पर जांघ में या पसलियां के ऊपरी हिस्से की भी जांच होनी चाहिए। यह रक्त कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
यह जानकारी केजीएमयू हिमैटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एके त्रिपाठी ने दी। वह शुक्रवार को एक स्थानीय होटल में इंडियन सोसाइटी ऑफ हिमैटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन यूरोपियन हिमैटोलॉजी सोसाइटी ट्यूटोरियल की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि बीमारी का पता चलने पर इलाज से बच्चे पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। डॉ. एके त्रिपाठी ने कहा कि समय पर बीमारी पकड़ में आने पर कीमोथेरेपी और दूसरे इलाज से रक्त कैंसर 90 प्रतिशत बच्चों में पूरी तरह से ठीक हो सकता है। महज 10 प्रतिशत मामलों में बीमारी के दोबारा आने का खतरा रहता है।