बुलंदशहर के जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ राशन विक्रेताओं से अवैध वसूली करने, स्टाफ का उत्पीड़न करने एवं महिला कर्मियों के प्रति अनैतिक आचरण करने जैसे कई आरोप हैं।
एमएलसी देवेंद्र सिंह लोधी, यूपी फूड एंड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स, आफिसर्स एसोसिएशन, आपूर्ति स्टाफ राशन विक्रेता कल्याण समिति आदि विभिन्न स्तरों से बुलंदशहर के जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह के खिलाफ शासन को शिकायत मिली थी। इस पर विशेष सचिव मार्कंडेय शाही को जांच अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह स्पष्ट हो रहा है कि अभय प्रताप सिंह को आरोपों में प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है।
इनके द्वारा अधीनस्थ कर्मियों के माध्यम से राशन विक्रेताओं से अवैध वसूली एवं सुविधाओं की मांग, मांग की पूर्ति न होने पर राशन विक्रेताओं के विरुद्ध फर्जी मुकदमा एवं राशन की दुकान निरस्त किए जाना, अधीनस्थ स्टाफ एवं राशन विक्रेताओं का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न, स्टाफ के साथ अमर्यादित भाषा एवं महिला कर्मियों के प्रति अनैतिक आचरण एवं दुर्व्यवहार आदि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं । इनकी कार्यप्रणाली से कर्मचारियों एवं उचित दर विक्रेताओं में भी असंतोष है। इनकी कार्यप्रणाली भी संदिग्ध है।
कर्मचारी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से शिकायत होने से इन आरोपों को और अधिक बल मिलता है व पुष्टि होती है। इस रिपोर्ट केआधार पर शासन ने अभय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया है । उन्हें संभागीय खाद्य नियंत्रक सहारनपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।