श्रावस्ती। जिले में जल जनित बीमारियां अपना बरपा रही हैं। उल्टी-दस्त की चपेट में आने से दो वृद्ध व दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता बीमारी बढ़ा रही है। गांवों में बदहाल सफाई व्यवस्था व जलभराव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को उमस भरी गर्मी में संक्रामक रोग फैलने का खतरा सता रहा है।
हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र का ग्राम मोहम्मदपुर कला व उसका मजरा पाराबन गांव राप्ती नदी की कछार में स्थित है। जहां प्रति वर्ष राप्ती नदी की उग्र लहरें कहर बरपाती हैं। यहां न तो जल निकासी की व्यवस्था है और न ही सफाई की। ऐसे में विगत दिनों हुई बरसात का पानी अब भी गांव की गलियों में भरा हुआ है। इससे होकर ग्रामीण आने जाने को विवश हैं।
ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद भी न तो ग्राम प्रधान ध्यान दे रहे हैं और न ही सफाई कर्मी ही। ऐसे में बरसात बाद निकलने वाली चिलचिलाती धूप व उमस के कारण ग्रामीणों को संक्रामक रोग फैलने का खतरा सता रहा है। ऐसी स्थिति कछार के अन्य गांवों की भी है। इस पर ध्यान न दिए जाने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने डीएम व डीपीआरओ से हस्तक्षेप कर समस्या से निजात दिलाने की मांग किया है।