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बांग्लादेश लौट गई दिलरुबा: टिकटॉक पर करीम ने किया था उम्र भर साथ रहने का वादा, कुछ घंटे में गया मुकर

Mon, 02 Oct 2023 07:49 AM IST
रोहित मिश्र शांति स्वरूप पांडे, अमर उजाला, श्रावस्ती

सार

 उम्र भर का सहारा तलाशने बांग्लादेश से यूपी के श्रावस्ती जिले के रोशनगढ़ पहुंची दिलरुबा शर्मी एक रात भी प्रेमी के घर न गुजार सकी। परिवारीजनों के विरोध और प्रेमी के इंकार के बाद उसे अपने तीन बच्चों संग वापस लौटना पड़ा।
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लौट गई दिलरुबा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांग्लादेश से अपने तीन बच्चों के साथ प्रेमी से मिलने और अपनी बाकी बची जिंदगी उसी के साथ गुजारने की बात कहने वाली दिलरुबा शर्मी बांग्लादेश लौट गई है। प्रेमी के साथ वह कुछ घंटे भी ना बिता पाई। भले ही टिकटॉक पर प्रेमी उसके साथ जिंदगी बिताने के वादे किया करता था। 

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 उम्र भर का सहारा तलाशने बांग्लादेश से यूपी के श्रावस्ती जिले के रोशनगढ़ पहुंची दिलरुबा शर्मी एक रात भी प्रेमी के घर न गुजार सकी। परिवारीजनों के विरोध और प्रेमी के इंकार के बाद उसे अपने तीन बच्चों संग वापस लौटना पड़ा। वह वाया लखनऊ फिर से अपने वतन लौट गई। 

बांग्लादेश के जिला व थाना राउजन चटगांव निवासी दिलरुबा शर्मी अपने पति शैफुद्दीन के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही थी। जिसके एक पुत्री संजैदा (15) व पुत्र मोहम्मद साकिब (12) व मोहम्मद रकीब (7) थे। २३ फरवरी 2017 को अपने पति के साथ दुबई गई थी। जहां कोरोना से पति की मृत्यु हो गई।  12 अप्रैल 2022 को को वह वापस बंगलादेश चली आई। जहां परिवार का जीविका चलाने के लिए उसने ब्यूटीपार्लर खोल लिया।
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 इस दौरान उसे सोशल मीडिया पर टिकटाक बनाने का शौक होने लगा। जिसके इस शौक ने उसे रोशनगढ़ निवासी अब्दुल करीम के करीब ला दिया। उस समय करीब बुरहान की एक बेकरी में काम करता था। अब्दुल करीम ने खुद को अविवाहित बताते हुए दिलरुबा से दोस्ती बढ़ाया। बाद में जीवन भर साथ निभाने का वादा कर उसे अपनाने का दावा किया। यह प्यार की बातें इतने आगे बढ़ी कि दिलरुबा ने भारत आकर साथ रहने की इच्छा जताई। करीम ने तब इसे एक झूठ माना और असलियत नहीं बताई। 

 इसके बाद दिलरुबा शर्मी टूरिस्ट वीजा पर अपनी पुत्री संजैदा, पुत्र मोहम्मद साकिब व मोहम्मद रकीब के साथ 26  सितंबर को लखनऊ आ गई। इस दौरान अब्दुल करीम भी बुरहान से लखनऊ पहुंच गया। जहां अमौसी हवाई अड्डे पर पहली बार दोनों की मुलाकात हुई। वहां से अब्दुल करीम दिलरुबा व उसके तीनों बच्चों को लेकर बहराइच आया। जहां चारों लोग दो दिन तक होटल में रुकने के बाद शुक्रवार को भरथा रोशनगढ़ पहुंचे। 

दिलरुबा शर्मी व उसके बच्चों को देख अब्दुल करीम की पत्नी शकीला बानो ने इसका विरोध करते हुए अपने मायके वालों को बुला लिया। जहां से मामला एसएसबी व मल्हीपुर पुलिस के संज्ञान में आया। दोनों पक्षों को लेकर पुलिस थाने पहुंची। इस दौरान परिवारीजनों के दबाव के बाद अब्दुल करीम ने परिवार के आगे घुटने टेक दिए। पुलिस के सामने इस बात पर समझौता हुआ कि दिलरुबा अब करीम से किसी प्रकार का संबंध नहीं रखेगी। दिलरुबा ने कहा कि उसे यह नहीं पता था कि करीम विवाहित है। उसके आठ साल का बच्चा है। करीम लगातार उससे झूठ बोलता रहा। इसके बाद दिलरुबा पुलिस के सामने ही लखनऊ लौट गई। जहां से वह बांग्लादेश लौट गई। 

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