पुलिस कर्मचारियों को विभिन्न तरह के भत्तों के भुगतान में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद डीजीपी सुलखान सिंह ने विभागाध्यक्षों व कार्यालय अध्यक्षों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। एक महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि किसी अधिकारी या कर्मचारी के घर में यदि शादी है तो पीएफ से पैसा निकालने के लिए उससे शादी का कार्ड नहीं मांगा जाए।
इसके अलावा जीपीएफ का आवेदन मंजूर करते हुए सात दिन के भीतर कोषागार में भेजा जाए। भुगतान में विलंब से बचने को कहा गया है। डीजीपी के इन निर्देशों में यात्रा भत्तों के भुगतान के लिए कहा गया है कि गैर जरूरी वजहों से कर्मचारी बाहर न भेजे जाएं। न ही उन्हें गृह जिले में ड्यूटी पर भेजा जाए।
भत्ते का भुगतान समय पर किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो पुलिस उपाधीक्षक, अकाउंटेंट व क्लर्क को जिम्मेदार माना जाएगा। यह कहा गया है कि अगर भत्ता या क्लेम देरी से या गलत भेजे गए तो इसे स्वीकृत करने वाले थानाध्यक्ष व अन्य अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।