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Lucknow News: डेंगू के बुखार में मरीज उल्टी व दस्त से भी पीड़ित

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केस 1
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वजीरगंज के रहने वाले विनय को एक हफ्ते पहले तेज बुखार आया। बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में दिखाया। डॉक्टर ने जांच कराई तो डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बुखार आने के दो से तीन दिन बाद उन्हें उल्टी संग दस्त भी शुरू हो गए।। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

केस 2

अलीगंज की रहने वाली नेहा को बीते हफ्ते बुखार आया था। डेंगू-चिकनगुनिया, मलेरिया व टॉयफाइड की जांच कराई। सभी निगेटिव आईं। प्लेटलेट्स 80 हजार पहुंच गई। दवाएं खाने से बुखार उतर जाता। दवा का असर कम होते ही बुखार चढ़ जाता है। तीन दिन बाद बुखार संग उन्हें दस्त शुरू हो गए। ऐसे में उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ गई।
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लखनऊ। यह मामले महज बानगी भर हैं। इस बार बुखार ने अपना स्वरूप बदला है। प्लेटलेट्स घटने संग मरीजों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही है। बुखार भी काफी तेज आ रहा है। इससे मरीजों को भर्ती करने की नौबत आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बुखार में ये लक्षण पहली दफा देखे जा रहे हैं। सभी लक्षण डेंगू-चिकनगुनिया के हैं, मगर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, डेंगू के कुछ मरीजों में उल्टी-दस्त के लक्षण मिले हैं। बलरामपुर अस्पताल निदेशक डा. पवन कुमार अरुण के मुताबिक, डेंगू-बुखार के मरीजों में इस तरह के लक्षण मिले हैं।


विशेषज्ञ बोले, कुछ मरीजों में नए लक्षण दिखे



डॉक्टरों का कहना है कोई भी वायरस खुद को म्यूटेट करता रहता है। यही वजह है कि इस बार मरीजों में नए लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। जरूरी नहीं है हर मरीज में ऐसे लक्षण आएं। ये म्यूटेशन के कारण होता है।
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लक्षण दिखने पर न करें लापरवाही



सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश के मुताबिक, बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत ब्लड टेस्ट करवाएं। डेंगू का बुखार ज्यादा दिन तक बना रहता है। इससे मांसपेशियों में दर्द भी होता है। डेंगू का बुखार दिमाग पर भी असर डालता है।
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