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सोहराब और पुलिसकर्मियों को ले गई दिल्ली पुलिस, पत्नी-बहन व होटल मैनेजर पहुंचे जेल

Fri, 22 Nov 2019 06:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
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होटल में पकड़ा गया गैंगस्टर सोहराब - फोटो : अमर उजाला
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तिहाड़ जेल से पेशी के बहाने लखनऊ आकर होटल में बिरयानी की दावत उड़ाते हुए पकड़े गए सीरियल किलर सोहराब और छह पुलिसकर्मियों को बृहस्पतिवार रात दिल्ली पुलिस ले गई। 

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सोहराब की पत्नी शन्नो, बहन यासमीन और होटल मैनेजर अंकित मिश्रा को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जबकि होटल में कमरा दिलाने वाले नाका के नेहरूनगर निवासी पार्किंग स्टैंड संचालक सोनू रावत की लाश पुलिस कर रही है।

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सोहराब प्रकरण में नाका थाने में पुलिस की तरफ से दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर में सदर कैंट के नई बस्ती निवासी सोहराब, उसकी पत्नी शन्नो, मुरादाबाद के कुंदरकी स्थित काजीपुरा निवासी बहन यासमीन और होटल मैनेजर सीतापुर के रामपुर मथुरा स्थित डिहुआ गांव के रहने वाले अंकित मिश्रा के नाम हैं। 
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सबके खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की कार्रवाई की गई है। दूसरी एफआईआर सोहराब को अपनी अभिरक्षा में पेशी पर लाने वाले दिल्ली पुलिस के एएसआई रामकिशन, हेड कांस्टेबल नरेश कुमार और कांस्टेबल दीपक कुमार, अनिल, वीरेंद्र सिंह व सुरेश कुमार के खिलाफ है। सभी पर लापरवाही का आरोप है।

एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कुख्यात को होटल में मौज-मस्ती के लिए खुला छोड़ देने वाली दिल्ली पुलिस के जवानों की सूचना वहां के अधिकारियों को दे दी गई थी। बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम लखनऊ पहुंची और सभी को अपने साथ ले गई। उन्होंने बताया कि श्री होटल में सोहराब को कमरा सोनू रावत ने दिलाया था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम घर भेजी गई लेकिन वह भागा हुआ है। 

यह था मामला
गैंगस्टर के मामले में बुधवार दोपहर पेशी पर आया सीरियल किलर सोहराब ऐशबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित श्री होटल में परिवार के साथ बिरयानी की दावत उड़ा रहा था। इसकी खबर मिलते ही पुलिस की टीम ने होटल में दबिश दी, जहां कमरा नंबर 201 में सोहराब, उसकी पत्नी शन्नो, बहन यासमीन और भांजा मिल गए। सोहराब बेड पर बैठकर बिरयानी की दावत उड़ा रहा था। उसे दिल्ली से लाने वाले छह पुलिसकर्मी कमरा नंबर 205 व 206 में आराम फरमा रहे थे। पुलिस ने सोहराब, शन्नो, यासमीन के साथ ही छह पुलिसकर्मियों और बिना आईडी के कमरा देने के आरोप में होटल मैनेजर अंकित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था।

पत्नी व बहन ने की सोहराब को भगाने की कोशिश

नाका इंस्पेक्टर सुजीत दुबे ने बताया कि सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो सोहराब की पत्नी शन्नो व बहन यासमीन ने हमला कर दिया। दोनों ने सोहराब को भगाने की कोशिश की। होटल मैनेजर ने भी उनका साथ दिया। पुलिस ने सोहराब को दबोचा तो शन्नो व यासमीन मारपीट करने लगीं। महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह दोनों पर काबू पाया। पुलिस का यह भी कहना है कि दिल्ली पुलिस ने जिस तरह से सोहराब को बिना निगरानी के कमरे में अकेला छोड़ दिया था, उससे साफ है कि उसके फरार होने की साजिश रची जा रही थी।

नेटवर्क चलाने को लखनऊ जेल में बंद होना चाहते हैं सीरियल किलर भाई
सीरियल किलर भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब अपना नेटवर्क चलाने के लिए किसी भी तरह लखनऊ जेल में बंद होना चाहते हैं। तीनों का परिवार लखनऊ में रह रहा है और उनके गुर्गे भी यहां के विभिन्न इलाकों में सक्रिय हैं। तीनों में से किसी के भी लखनऊ आने से उनके परिवार के सदस्यों व गुर्गों का मनोबल बढ़ जाएगा। सलीम फिलहाल फर्रुखाबाद में सेंट्रल जेल और रुस्तम व सोहराब दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। पेशी के बहाने लखनऊ आकर ऐसी खुराफात करते हैं जिससे यहां की पुलिस उन्हें पकड़कर लखनऊ जेल में बंद कर दे। एसएसपी का कहना है कि अब नाका थाना में सोहराब के खिलाफ दर्ज केस में वारंट दाखिल किया जाएगा। उसकी रिमांड भी ली जाएगी। एसएसपी ने यह भी कहा कि नाका में दर्ज हुई एफआईआर में सोहराब की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई जाएगी।

सैफी हत्याकांड में पेशी के लिए रुस्तम लाया गया लखनऊ जेल
सोहराब के साथ ही तिहाड़ जेल से आए उसके भाई रुस्तम की शुक्रवार को सैफी हत्याकांड में पेशी है। बुधवार को एक केस में रुस्तम और सोहराब कानपुर की कोर्ट में पेश हुए थे। सोहराब की बृहस्पतिवार को लखनऊ में गैंगस्टर कोर्ट में पेशी थी इसलिए वह लखनऊ आ गया। रुस्तम कानपुर में ही रुका रहा। इस बीच सोहराब के होटल में दावत उड़ाते हुए पकड़े जाने पर पुलिस की निगाहें रुस्तम की तरफ गईं। शुक्रवार को पेशी के लिए उसे बृहस्पतिवार को कानपुर से लखनऊ लाकर यहां की जेल में दाखिल कर दिया गया। रातभर उसे जेल में रखकर शुक्रवार सुबह कोर्ट भेजा जाएगा।

गैंगस्टर की कार्रवाई करने की तैयारी
मामले में राजधानी पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोहराब, उसके लिए रुपया लेकर आई पत्नी शन्नो, बहन यासमीन, होटल में कमरा दिलाने वाले पार्किंग स्टैंड संचालक सोनू रावत और होटल के मैनेजर अंकित मिश्रा को गैंगस्टर में निरुद्ध किया जा सकता है।
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कुख्यात अपराधियों की पेशी पर नजर, पुलिसकर्मियों को चेतावनी

एसएसपी ने बताया कि राजधानी और बाहर से यहां पेशी पर आने वाले कुख्यात अपराधियों की विभिन्न कोर्ट में पेशी पर पुलिस की नजर है। सबकी पेशी की तारीखों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। कौन अपराधी पेशी पर कब आ रहा है? वह कहां ठहरा है? उससे मिलने कौन-कौन लोग आ रहे हैं? अपराधी को लाने वाले पुलिसकर्मियों का रवैया क्या है? इसकी जानकारी के बाद संबंधित अपराधी की निगरानी के लिए पुलिस टीम लगाई जाएंगी। साथ ही अपराधियों को पेशी पर लाने वाले गैर जनपद और राजधानी के पुलिसकर्मियों को अपना रवैया सुधारने की चेतावनी दी गई है। एसएसपी ने कहा कि पेशी पर अपराधियों को सुविधाएं दिलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट ने पूछा पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्यों नहीं की षड्यंत्र की कार्रवाई
सीरियल किलर और उसकी पत्नी-बहन व श्री होटल के मैनेजर को प्रभारी विशेष जेएम अनुराधा शुक्ला की कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने लखनऊ पुलिस से दिल्ली के पुलिसकर्मियों के खिलाफ षड्यंत्र की कार्रवाई न करने पर स्पष्टीकरण मांगा। लखनऊ पुलिस ने दिल्ली पुलिस के छह जवानों के खिलाफ सिर्फ लापरवाही की मामूली धारा में केस दर्ज किया था जबकि उनकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा थी। फिलहाल सोहराब को तिहाड़ से लखनऊ लाने वाले दिल्ली पुलिस के एएसआई, हेड कांस्टेबल व चार कांस्टेबल को नाका थाना से ही जमानत दे दी गई। कोर्ट ने दिल्ली के पुलिसकर्मियों के खिलाफ सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई न करने पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने 23 नवंबर को सोहराब समेत अन्य आरोपियों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने के आदेश दिए हैं।

गिरफ्तार होते ही जब्त कर लिए गए थे पुलिसकर्मियों के असलहे
एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एएसआई व पांच जवानों की गिरफ्तारी होते ही उनके असलहे जब्त कर लिए गए थे। असलहे नाका थाना में सुरक्षित रखवा दिए गए। बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची तो असलहे उनके सुपुर्द कर दिए गए।
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