तिहाड़ जेल से पेशी के बहाने लखनऊ आकर होटल में बिरयानी की दावत उड़ाते हुए पकड़े गए सीरियल किलर सोहराब और छह पुलिसकर्मियों को बृहस्पतिवार रात दिल्ली पुलिस ले गई।
सोहराब की पत्नी शन्नो, बहन यासमीन और होटल मैनेजर अंकित मिश्रा को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जबकि होटल में कमरा दिलाने वाले नाका के नेहरूनगर निवासी पार्किंग स्टैंड संचालक सोनू रावत की लाश पुलिस कर रही है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सोहराब प्रकरण में नाका थाने में पुलिस की तरफ से दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर में सदर कैंट के नई बस्ती निवासी सोहराब, उसकी पत्नी शन्नो, मुरादाबाद के कुंदरकी स्थित काजीपुरा निवासी बहन यासमीन और होटल मैनेजर सीतापुर के रामपुर मथुरा स्थित डिहुआ गांव के रहने वाले अंकित मिश्रा के नाम हैं।
सबके खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की कार्रवाई की गई है। दूसरी एफआईआर सोहराब को अपनी अभिरक्षा में पेशी पर लाने वाले दिल्ली पुलिस के एएसआई रामकिशन, हेड कांस्टेबल नरेश कुमार और कांस्टेबल दीपक कुमार, अनिल, वीरेंद्र सिंह व सुरेश कुमार के खिलाफ है। सभी पर लापरवाही का आरोप है।
एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कुख्यात को होटल में मौज-मस्ती के लिए खुला छोड़ देने वाली दिल्ली पुलिस के जवानों की सूचना वहां के अधिकारियों को दे दी गई थी। बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम लखनऊ पहुंची और सभी को अपने साथ ले गई। उन्होंने बताया कि श्री होटल में सोहराब को कमरा सोनू रावत ने दिलाया था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम घर भेजी गई लेकिन वह भागा हुआ है।
यह था मामला
गैंगस्टर के मामले में बुधवार दोपहर पेशी पर आया सीरियल किलर सोहराब ऐशबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित श्री होटल में परिवार के साथ बिरयानी की दावत उड़ा रहा था। इसकी खबर मिलते ही पुलिस की टीम ने होटल में दबिश दी, जहां कमरा नंबर 201 में सोहराब, उसकी पत्नी शन्नो, बहन यासमीन और भांजा मिल गए। सोहराब बेड पर बैठकर बिरयानी की दावत उड़ा रहा था। उसे दिल्ली से लाने वाले छह पुलिसकर्मी कमरा नंबर 205 व 206 में आराम फरमा रहे थे। पुलिस ने सोहराब, शन्नो, यासमीन के साथ ही छह पुलिसकर्मियों और बिना आईडी के कमरा देने के आरोप में होटल मैनेजर अंकित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था।